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20 लाख के लिए हेडमास्टर का अपहरण, अब तक नहीं मिला कोई सुराग

20 लाख के लिए हेडमास्टर का अपहरण, अब तक नहीं मिला कोई सुराग

डिजिटल डेस्क, सतना। सरकारी स्कूल के हेडमास्टर यशोदा प्रसाद कोल को डकैतों ने अगवा करते हुुए परिजनों से 20 लाख रुपए बतौर फिरौती की मांग की थी। इस मामले में अभी भी पुलिस के हाथ खाली हैं। यशोदा कोल बरौंधा थाना क्षेत्र के मुडिय़ा देव माध्यमिक विद्यालय में हेडमास्टर पद पर पदस्थ थे।

इसी मामले में एमपी पुलिस की 5 अलग-अलग टीमें बुधवार को भी पोखरिहा, करौला, मड़ुलिहाई, साड़ा, ऊचामार्ग, मलगौसा, कुठिला पहाड़, जवारिन, गोपालपुर, कठवरिया समेत एडी क्षेत्र में सर्चिंग करती रहीं। इस दौरान पुलिस को न तो डकैतों की कोई लोकेशन मिली और न ही हेडमास्टर के अपहरण से संबधित कोई जानकारी।

बरौंधा थाना प्रभारी योगेन्द्र सिंह जयशूर ने बताया कि इस मामले में अभी तक यशोदा प्रसाद कोल के घर वालों द्वारा थाने में अपहरण और फिरौती मांगने से संबंधित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। उन्होंने बताया कि मुडिय़ा देव माध्यमिक विद्यालय के अतिथि शिक्षक रामकरण खैरवार ने लिखित आवेदन पर पुलिस ने प्रकरण कायम किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर यादव बुधवार को भी तराई क्षेत्र में डटे रहे।

चर्चा में रहा ललित गैंग का नाम

हेडमास्टर यशोदा प्रसाद कोल को किस गैंग ने अगवा किया है, इसको लेकर अभी भी संशय बरकरार है। हालांकि यशोदा प्रसाद के परिवार वालों और रिश्तेदारों के मुताबिक अगवा करने के पीछे ललित गैंग का ही हाथ है। खबर है कि गैंग लीडर ने हेडमास्टर के घर वालों से बात कर फिरौती की मांग की है। इस संबंध में बरौंधा थाना प्रभारी योगेन्द्र सिंह जयशूर ने बताया कि हेडमास्टर के परिजनों द्वारा इस प्रकार की कोई भी बात नहीं बताई गई, लेकिन पिछले कुछ दिनों से 30 हजार के इनामी ललित और उसकी गैंग द्वारा अपराध किए गए हैं, इससे कुछ भी कहना मुश्किल नहीं है।

मुड़िया देव में भी पुलिस का पहरा

हेडमास्टर को अगवा किए जाने के बाद मुड़िया देव गांव के लोग दहशत में हैं। लोगों की सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की एक टीम को गांव में तैनात किया गया है। इस घटना के बाद तराई की स्कूलों में तालाबंदी जैसा माहौल बना हुआ है। ज्ञात हो कि इससे पहले मंगलवार को राज्य अध्यापक संघ डीईओ को ज्ञापन सौंपकर रिहाई की मांग कर चुका है।

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