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#हिंदी_दिवस_विशेष: 'हिंदी' में बनाएं अपना करियर, हर महीने कमाएं 40 हजार रुपए

#हिंदी_दिवस_विशेष: 'हिंदी' में बनाएं अपना करियर, हर महीने कमाएं 40 हजार रुपए

डिजिटल डेस्क, भोपाल। आज हिंदी दिवस है। यह जान कर आपको थोड़ा गर्व महसूस हो सकता है कि भारत और विदेश में लगभग 50 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं। इसे समझने वाले लोगों की संख्या तो 90 करोड़ से भी ज्यादा है। हिंदी विश्व में चीनी भाषा के बाद सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है, लेकिन फिर भी इसे बोलने वाले लोग अपने आपको, अंग्रेजी बोलने वालों की तुलना में, हीन महसूस करते हैं। अधिकांश हिंदीभाषी लोगों का मानना यही है कि हिंदी में रोजगार नहीं हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि हिंदी पर अच्छी पकड़ आपके लिए अनेक रोजगारों के अवसर खोल सकती है। हम आपको कुछ नौकरियों के बारे में बताते हैं, जिन्हें यदि आप हिंदी जानते हैं तो आसानी से कर सकते हैं।

1. स्टेनोग्राफर : 

कहां हैं मौके?

हिंदी स्टेनोग्राफर या आशुलिपक के लिए कोर्ट, सरकारी संस्थाओं, अखबारों में जगहें होती हैं। कर्मचारी चयन आयोग के जरिए विभिन्न सरकारी विभागों में स्टेनोग्राफर के पद पर नियुक्तियां की जाती हैं। कर्मचारी राज्य बीमा निगम के साथ ही अन्य कई अर्द्ध सरकारी और निजी कंपनियों में स्टेनोग्राफर नियुक्त किए जाते हैं।

क्या होता है काम ?

आशुलिपि के माध्यम से कुछ भी बहुत तेजी से लिखा जा सकता है। वैसे स्टेनोग्राफर के रूप में काम करने के लिए किसी को कम से कम 12 वीं पास होना ही जरुरी है। सबसे पहले आपको स्टेनो टाइपिंग सीखनी होगी। इसके लिए आप पॉलिटेक्निक कॉलेज या आईटीआई में प्रवेश ले सकते हैं। किसी निजी संस्थान से भी ट्रेनिंग ले सकते हैं।

कितनी सैलरी ?

स्टेनोग्राफर की प्रारंभिक सैलरी पांच हजार रुपए से लेकर 20 हजार रुपए तक होती है। वरिष्ठ लोगों को 35 से 40 हजार तक का वेतन मिलता है।

2. स्क्रिप्ट राइटर :

कहां मिल सकते हैं मौके ?

स्क्रिप्ट राइटर को पत्र-पत्रिकाओ में कंटेंट राइटिंग, घोस्ट राइटिंग, वेब सीरीज राइटिंग, यूट्यूब चैनल राइटिंग, इवेंट राइटिंग और ऑनलाइन राइटिंग का काम मिल सकता है। राइटर्स की जरुरत एड कंपनियों और कॉरपोरेट कंपनियों में भी होती है।

क्या करना होगा?

स्क्रिप्ट राइटिंग में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स होते हैं। इसके अलावा मास कम्यूनिकेशन के कोर्सेस में भी स्क्रिप्ट राइटिंग सिखाई जाती है। राइटिंग में इंटरेस्ट है तो आप इनमें से कोई एक कोर्स कर सकते हैं।

कितनी सैलरी?

एडवरटाइजिंग एजेंसी, कॉमिक्स, वीडियो गेम्स, थियेटर प्ले, फिल्म, टेलीविजन, रेडियो के साथ ही आप फ्रीलांसिंग कर सकते हैं।

3. दुभाषिया :

कहां मिल सकते हैं मौके?

मनोरंजन, पर्यटन, एविएशन, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट, दूतावास, राजनय सेवा, पत्रकारिता एवं जनसंपर्क, शिक्षण संस्थान, प्रकाशन संस्थान और बीपीओ वगैरह के क्षेत्र में करियर की शुरुआत कर सकते हैं।

क्या करना होगा?

फॉरेन लैंग्वेज में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्सेस उपलब्ध हैं। सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और एडवांस डिप्लोमा पार्ट टाइम कोर्स हैं और कई यूनिवर्सिटी करवाती हैं। सर्टिफिकेट कोर्स के लिए कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है। जबकि डिप्लोमा के लिए उस भाषा में सर्टिफिकेट जरूरी होता है। इसके अलावा आप विदेशी भाषा में ग्रैजुएश्न डिग्री, एम फिल और पीएचडी भी कर सकते हैं।

कितनी सैलरी?

बतौर अनुवादक आपको 100-150 रुपए प्रति पेज और बतौर दुभाषिया 200-500 रुपए प्रति घंटे कमा सकते हैं। एक अच्छा दुभाषिया 2-4 हजार रुपए प्रति घंटा तक भी कमा सकता है।

4. हिंदी अनुवाद :

कहां मिल सकते हैं मौके?

वेबपोर्टल्स, मीडिया हाउस, कम्युनिकेटर तथा एक्पोर्ट-इम्पोर्ट में अनुवादक की जरूरत होती है। यूनिवर्सिटी, मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ ही मार्केट रिसर्च का काम करने वाली फर्म्स ट्रांसलेटर रखती हैं। एमएनसी, मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन में भी ट्रांसलेटर रिक्रूट किए जाते हैं।

क्या करना होगा?

इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ ट्रांसलेशन स्टडीज एंड ट्रेनिंग का प्रोग्राम करवाया जाता है। फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, चाइनीज जैसी किसी फॉरेन लैंग्वेज में आप सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री कर सकते हैं। कई यूनिवर्सिटीज फॉरेन लैंग्वेज के कोर्स ऑफर कर रही हैं।

कितनी सैलरी?

ट्रांसलेटर की शुरुआती सैलरी 10 से 15 हजार तक होती है। सीनियरटी के साथ यह बढ़ते जाती है। फॉरेन लैंग्वेज में अच्छी कमांड होने पर ट्रांसलेटर को बड़ा पैकेज मिल जाता है।

5. राजभाषा अधिकारी :

कहां मिल सकते हैं मौके?

राजभाषा विभाग राजभाषा अधिकारी के पद सृजित करता है। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में राजभाषा अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। मंत्रालयों में राजभाषा अधिकारी रिक्रूट किए जाते हैं। इसके अलावा बैंकों में आईबीपीएस के जरिए राजभाषा अधिकारी की नियुक्ति की जाती है। राज्यों में भी अलग-अलग विभागों में राजभाषा अधिकारी की वैकेंसी समय-समय पर निकलती है।

क्या करना होगा?

ग्रैजुएशन के बाद कोई भी राजभाषा अधिकारी बनने के लिए एलिजिबल होता है। आईबीएस, लोकसेवा आयोग के जरिए समय-समय पर वैकेंसी निकाली जाती है। रिटन टेस्ट और इंटरव्यू के जरिए योग्य उम्मीदवार का सिलेक्शन किया जाता है। इसमें हिंदी पर अच्छी कमांड होने के साथ ही आपको जनरल स्टेडी की तैयारी भी करना होगी।

कितनी सैलरी?

गवर्नमेंट के पे स्केल के हिसाब से सैलरी मिलती है। सीनियरटी के हिसाब से सैलरी बढ़ते जाती है।

6. प्रूफ रीडर :

कहां मिल सकते हैं मौके

राज्यसभा, पब्लिशिंग हाउस, न्यूजपेपर, मैग्जीन, एडवरटाइजिंग एजेंसी, पीआर एजेंसी के साथ कंटेंट में डील करने वाली प्राइवेट कंपनियों में प्रूफ रीडर नियुक्त किए जाते हैं।

क्या करना होगा?

इसमें कैंडीडेट को ग्रैजुएट होना चाहिए। हिंदी भाषा पर पूरा अधिकार हो। खासतौर पर व्याकरण का नॉलेज हो। इसके अलावा टाइपिंग भी आना चाहिए। टाइपिंग स्पीड 80 शब्द प्रति मिनट हों।

कितनी सैलरी?

प्राइवेट संस्थानों में शुरुआती सैलरी 10 से 15 हजार रुपए होती है। वहीं गवर्नमेंट में 30 से 35 हजार रुपए माह सैलरी मिल जाती है। सीनियरटी के हिसाब से पैकेज बढ़ते जाता है।

7. हिंदी टीचर प्रोफेसर :

कहां मिल सकते हैं मौके?

स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, होम ट्यूटोरियल, ऑनलाइन टीचिंग जॉब।

क्या करना होगा?

टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पास करके आप हिंदी की टीचिंग शुरू कर सकते हैं। हायर लेवल पर हिंदी का शिक्षक बनना है तो नेट और पीएचडी भी करना होगा।

कितनी सैलरी?

प्रायमरी टीचर को 15 से 20 हजार रुपए की सैलरी आसानी से मिल जाती है। हायर लेवल पर प्रोफेसर लाखों तक होता है।

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