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GST और IT रिटर्न का मिलान कर टैक्स चोरी पकड़ेगी सरकार

GST और IT रिटर्न का मिलान कर टैक्स चोरी पकड़ेगी सरकार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में माल और सेवा कर लागू होने के बाद अब सरकार GST रिटर्न और आईटी रिटर्न दोनों का मिलान करेगी। इसके बाद जो भी अपनी कमाई छिपाते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्र सरकार ने इसे ‘कैरट एंड स्टिक’ पॉलिसी नाम दिया है।

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को यहां कहा कि बीते 2-3 साल में सरकार ने टैक्स चोरी को बहुत मुश्किल बना दिया है। टैक्स चोरी करने वालों को तगड़े झटके भी पड़े हैं। अब GST के आने से अप्रत्यक्ष कर का संकलन बढ़ेगा, क्योंकि ज्यादा लोग टैक्स के दायरे में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि अभी तो GST के लागू होने का शुरुआती दौर है। इसके बाद जब बिलों का मिलान होगा, तब तस्वीर साफ होगी। जेटली एक पुस्तक विमोचन समारोह में बोल रहे थे।

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इस मौके पर उन्होंने कहा कि GST लागू होने के पहले 1-2 माह में यह देखा जाएगा कि रिटर्न भरने वाले कितनी इमानदारी से अपनी आय घोषित करते हैं। सवाल-जवाब तो तब होंगे, जब वाऊचरों का मिलान करने पर वे असंगत पाए जाएंगे। GST के तहत व्यावसायियों को लेन-देन का खुलासा इनवॉइस के रूप में करना होगा। 

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जेटली ने कहा कि GST की दरों को लेकर सभी को वाजिब होना ही होगा। उन्होंने कहा, ‘आपको नियमों की अनिवार्यता को मानना होगा। आपको इसके लिए तकनीक की मदद लेनी होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपका और आपके टैक्स का आंकलन करने वालों के बीच आमना-सामना न हो। लेकिन इसी प्रक्रिया में हमें तब छड़ी घुमानी होगी, जब कोई टैक्स से बचने की कोशिश करेगा।’

जेटली ने कहा कि जब अप्रत्यक्ष करों का संकलन बढ़ेगा, तब इसका समानांतर प्रभाव प्रत्यक्ष करों के संकलन पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस प्रक्रिया में शामिल हो जाने से टैक्स से बचने वालों की पहचान और आसान हो गई है। उन्होंने कहा कि भारतीयों के दिमाग से यह धारणा निकल जानी चाहिए कि वे टैक्स के दायरे में आने से बच सकते हैं, क्योंकि हर साल देश में ऐसे टैक्स चोरी से लाखों-करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ता है।

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