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देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने इंद्र ने भी किया था इन मंत्रों का जाप

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मां लक्ष्मी की कृपा जिस पर भी हो जाए वह धन-धान्य से संपन्न हो जाता है। उसका जीवन सभी कष्टों से मुक्त रहता है। मां लक्ष्मी की कृपा से वैभवए सौभाग्यए आरोग्यए ऐश्वर्यए शील, विद्याए विनयए ओजए गाम्भीर्य और कान्ति मिलती है। देवों और दानवों ने भी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए तप किया है। इंद्र ने भी महर्षि दुर्वासा के श्राप से मुक्ति पाने विष्णु प्रिया को प्रसन्न किया था। देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने यहां हम आपको कुछ आसान मंत्र बताने जा रहे हैं। मान्यता है कि इनका जाप स्वयं इंद्रदेव ने भी किया था...
 
नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।
शंखचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। 

 
इंद्र ने कहा, श्रीपीठ पर स्थित और देवताओं से पूजित होने वाली हे महामाये। तुम्हें नमस्कार है। हाथ में शंखए चक्र और गदा धारण करने वाली हे महालक्ष्मी तुम्हें प्रणाम है।

सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि।
मन्त्रपूते सदा देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।। 

 
सिद्धि, बुद्धि, भोग और मोक्ष देने वाली हे मन्त्रपूत भगवती महालक्ष्मी! तुम्हें सदा प्रणाम है। 
 
शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि जो भी व्यक्ति मां लक्ष्मी के प्रिय नामो पद्मा, पद्मालया, पद्मवनवासिनी, श्री, कमला, हरिप्रिया, इन्दिरा, रमा, समुद्रतनया, भार्गवी  और जलधिजा का जाप करता है। उस पर देवी अति प्रसन्न होती हैं और उन्हें सुखी जीवन और संपन्न का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। 

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