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मंत्री पद नहीं मिलने का दर्द, मांझी बोले- पहलवान को दूध-मलाई, कमजोर को कुछ नहीं

मंत्री पद नहीं मिलने का दर्द, मांझी बोले- पहलवान को दूध-मलाई, कमजोर को कुछ नहीं

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की राजनीति में शनिवार शाम को नीतीश कुमार की नई सरकार ने अपने 27 कैबिनेट मंत्रियों को शपथ दिलाई है। जिसमें हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष जीतनराम मांझी को जगह नहीं दी गई। इसका दर्द उनके बयानों में छलका भी है। इस बात को लेकर मांझी ने अपनी नाराजगी एनडीए के केन्द्रीय नेतृत्व तक पहुंचा दी है।

प्रेस वार्ता में मांझी ने कहा कि LJP पार्टी के एक विधायक को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है, लेकिन हमें एक भी पद नहीं मिला। हमें कमजोर समझकर सताया गया है। उन्होंने कहा कि जो पहलवान है उसको घी, दूध, मलाई दिया जा रहा है, लेकिन जो कमजोर है, उसे कुछ भी नहीं दिया गया। आखिर एक ही गठबंधन में दो पार्टियों के साथ अलग-अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है।

गुरुवार को जीतनराम मांझी ने खुद मंत्री बनने से इन्कार कर दिया था और पार्टी के तीन लोगों के नाम भेजे थे, लेकिन बात नहीं बन सकी। लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस को मंत्री बनाया गया है। जबकि  वे किसी भी सदन के सदस्‍य नहीं हैं। उनको अगले छह माह में सदन का सदस्य बनना होगा। मांझी ने पशुपति के नाम पर विरोध भी जताया था।

गौरतलब है कि नीतीश की कैबिनेट में बीजेपी के अलावा एनडीए के घटक दल रालोसपा, हम और लोजपा को भी जगह देने पर सहमति बन गई थी। तीनों पार्टियों के कोटे से एक-एक मंत्री बनाया जाना था। विधानसभा में लोजपा व रालोसपा के दो-दो एवं हम के एक सदस्य हैं। खबर है कि जीतनराम मांझी को मनाने बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, नित्यानंद राय और नंद किशोर यादव शाम को उनके आवास पर पहुंचे थे, मगर मांझी नहीं माने।

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