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यहां भी मौजूद हैं 'महाकालेश्वर', 900 साल पहले यहां होती थी काल गणना

यहां भी मौजूद हैं 'महाकालेश्वर', 900 साल पहले यहां होती थी काल गणना

डिजिटल डेस्क, उदयपुर। श्रावण का उल्लास आज हर ओर हैं महाकाल बाबा (Mahakal Baba) की नगरी में शाही सवारी में शामिल होने दूर-दूर से भक्त, नेता व अभिनेता जाते हैं। लेकिन आज हम आपको जिस मंदिर के बारे में बता रहे हैं वह भी महाकाल का ही स्थान है और महाकालेश्वर (Mahakaleshwar) मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है...

उदयपुर का यह मंदिर करीब 900 वर्ष पुराना बताया जाता है जो रानी रोड पर स्थित है। मंदिर में नवनिर्माण किया गया है। बताया जाता है कि यहां पहले मेवाड़ का पंचांग तैयार होता था। यहां से गृह-नक्षत्र स्पष्ट दिखते हैं 900 वर्ष पुराने मंदिर के परमार राजवंश कालीन होने के साक्ष्य मिलते हैं। यह उज्जैन की भांति काल गणना केंद्र हुआ करता था। क्योंकि उज्जैन का उत्तर अक्षांश 23/11 और उदयपुर का उत्तर अक्षांश 24/35 है। नवनिर्माण के बाद यहां एक बार फिर दशकों बाद काल गणना की संभावनाएं जताई गई हैं।

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श्रावण माह में मंदिर का दृश्य देखते ही बनता है। राजस्थानी संस्कृति के साथ ही बाबा की शाही सवारी पालकी पर नगर भ्रमण के लिए निकलती है। जिनके दर्शनों के लिए हजारों-लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं।

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