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घट रहा है 'महाकाल बाबा' का आकार, भस्मारती ने बढ़ाई चिंता

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 14th, 2017 11:09 IST

डिजिटल डेस्क, उज्जैन। सबके दुखों को हरने वाले बाबा महाकाल पर इन दिनों बड़ा संकट आ गया है। इस संकट ने देश की शीर्ष अदालत की चिंता भी बढ़ा दी है, जिसकी वजह से एक जांच टीम गठिन की गई है, जिसने बाबा महाकाल के मंदिर और शिवलिंग की पूरी जांच की। बताया जा रहा है कि शिवलिंग की परतें उखड़ती जा रही हैं। आकार घट रहा है और और शिवलिंग के चारों ओर निशान बन रहे हैं। अर्थात ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर  का क्षरण हो रहा है यानि वो धीरे-धीरे घिसकर आकार में कम होता जा रहा है।

इसकी वजह महाकाल की भस्मारती और पंचामृत बताया जा रहा है। जांच के लिए आई टीम ने महाकाल को चढ़ने वाले प्रसाद के सैंपल भी लिए हैं।

टीम पहुंची महाकाल के दरबार 

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा महाकाल मंदिर में शिवलिंग पर श्रद्धालुओं द्वारा पंचामृतए दूध, जलाभिषेक, हल्दी-कुमकुम, अबीर, गुलाल लगाने, पूजन-अर्चन के दौरान शिवलिंग को हाथ से रगड़ने सहित तमाम कारणों से शिवलिंग के क्षरण होने की बात काफी समय से सामने आ रही थी। बताया जा रहा है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दी गई थी जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए एक टीम गठित की। शीर्ष अदालत के आदेश पर देहरादून, भोपाल और इंदौर की 4 सदस्यीय टीम महाकाल के दरबार पहुंची और जांच शुरू की। 

ज्योतिर्लिंग पर सबसे बड़ा खतरा

सर्वविदित है कि उज्जैन में महाकाल बाबा की भस्म आरती का नजारा अद्भुत व बेहद आलौकिक होता है। आरती का नजारा किसी को भी शिवमय बनाने के लिए पर्याप्त है। इसमें शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। महाकाल लिंग के क्षरण की बात खबर ने अब भक्तों की चिंता बढ़ा दी है। 

छोटे-छोटे कई निशान

बताया जा रहा है कि शिवलिंग के ऊपर पर छोटे-छोटे कई निशान बन गये हैं, ये हाल शिवलिंग के दूसरी तरफ भी हैं। धीरे-धीरे इस तरह के निशान पूरे शिवलिंग पर दिखने लगे हैं। शिवलिंग की कुछ परत भी उतरी हुई नजर आ रही है। 

रोज सुबह होती है भस्मारती 

महाकाल मंदिर में हर रोज सुबह चार बजे से भस्म आरती शुरू होती है जो सुबह छह बजे तक चलती है। इस दौरान महाकाल को जल और पंचामृत से स्नान करवाया जाता है। शिवलिंग की भस्मारती और पूजन की परंपरा यहां बेहद पुरानी है। पहले यहां मुर्दे की ताजी राख से भस्मारती का विधान था, किंतु अब इसे परिवर्तित कर दिया गया है। भक्त अपनी श्रद्धानुसार पंचामृत आदि भी चढ़ाते हैं। 

टीम ऐसे की जांच 

  • टीम के सदस्यों ने ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक के समय निरीक्षण किया। 
  • गोलाई और ऊंचाई का माप लिया। 
  • ज्योतिर्लिंग के निचले भाग में दिखाई देने वाले छिद्रों की फोटाग्राफी भी कराई गई। 
  • इसके बाद शिवलिंग को सुखाकर भी जांच की गई। 
  • ज्योतिर्लिंग पर जमी श्रृंगार सामग्री के नमूने भी जांच के लिए साथ ले जाए गए हैं। 

4 सप्ताह में जांच रिपोर्ट 

अभी तो जांच टीम अपने साथ कुछ सैंपल लेकर गई है जिनकी जांच देहरादून की लैब में होगी। टीम लगातार उज्जैन आती रहेगी आैर शिवलिंग में हो रहे बदलाव की जांच करेगी, जिससे उसके आकार में कोई परिवर्तन हुआ है उसका पता चल सके। 4 हफ्तों में टीम को अपनी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपना है।

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