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MP: अतिथि विद्वान को अब UPSC मेन्स में भाग लेने के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट

MP: अतिथि विद्वान को अब UPSC मेन्स में भाग लेने के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट

डिजिटल डेस्क, भोपाल। UPSC की मुख्य परीक्षा में अतिथि विद्वानों को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने का बहु-प्रतीक्षित निर्णय गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया। साथ ही गैर-अतिथि विद्वान सामान्य अभ्यर्थी को भी 3 वर्ष की छूट देने का फैसला भी लिया गया।

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री संजय पाठक ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि एमपी में कार्यरत अतिथि विद्वानों की लम्बे समय से माँग चली आ रही थी कि PSC में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती परीक्षा स्थगित होने के कारण अनेक अभ्यर्थी वंचित हो जाते हैंंं। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने निर्णय लिया कि ऐसे अतिथि विद्वान, जो एमपी के मूल निवासी हैं तथा जिन्होंने कम से कम 5 सत्र तक शिक्षण कार्य किया है, उन्हें अधिकतम 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट प्रदान की जाये।

सामान्य वर्ग के अतिथि विद्वान अब 45 वर्ष तक असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे। अनारक्षित वर्ग की महिलाएँ 50 वर्ष तक आयु सीमा में पात्रता रखेंगी। आरक्षित वर्ग के अतिथि विद्वानों को उनकी पूर्व में अनुमत आयु सीमा को आयु वृद्धि का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
श्री पाठक ने जानकारी दी कि अतिथि विद्वानों के लिये प्रति सत्र 4 अंकों के मान से अधिकतम 20 अंकों का लाभ साक्षात्कार के पूर्ण आधार अंकों में जोड़ने की अधिसूचना पूर्व में ही जारी की जा चुकी है। इसके अलावा PSC के सहायक प्राध्यापक की परीक्षा में शामिल होने वाले सामान्य अभ्यर्थी, जो अतिथि विद्वान नहीं हैं, उन्हें भी आयु सीमा में 3 वर्ष की अतिरिक्त छूट देने का फैसला लिया गया।

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