•  20°C  Clear
Dainik Bhaskar Hindi

Home » National » NIA arrested separatist leader Syed Ali Shah Geelani in Terror funding case

'टेरर फंडिग' मामले में अलगाववादी नेता गिलानी भी गिरफ्तार

BhaskarHindi.com | Last Modified - July 31st, 2017 21:16 IST

'टेरर फंडिग' मामले में अलगाववादी नेता गिलानी भी गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में पिछले दिनों NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी)  ने 8 अलगावदी नेताओं को कश्मीर घाटी में टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया था। इसी कड़ी में आगे कार्रवाई करते हुए NIA ने एक और कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को गिरफ्तार किया है। उनके घर और दफ्तर में छापामार कार्रवाई की गई, जिसमें प्रोटेस्ट कैलेंडर बरामद किया है। इस कैलेंडर पर गिलानी के दस्तखत भी हैं। इस कर्रवाई के बाद एक बार फिर पाकिस्तानी हैंडलर्स की मदद से कश्मीर में हिंसा फैलाने में अलगाववादियों की सक्रिय भूमिका सामने आई है। 

NIA ने जम्मू के एक सामाजिक कार्यकर्ता और कारोबारी देविंदर सिंह बहल से भी पूछताछ की। इस कारोबारी को कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी का करीबी माना जाता है। आमतौर पर इसे मारे गए आतंकवादियों के जनाजे में शामिल होते देखा गया है। कैलेंडर में हिज्बुल कमांडर बुरहान के एनकाउंटर के बाद उन तारीखों का जिक्र है, जिनमें घाटी में अशांति फैलाने वाले कार्यक्रम किए गए। इस 'प्रोटेस्ट कैलेंडर' को गिलानी के दामाद अल्ताफ अहमद शाह 'फंटूश' के पास से बरामद किया गया है। NIA की जांच इस ओर इशारा करती है कि हुर्रियत के हिंसक विरोध-प्रदर्शन में स्थानीय मौलवियों, अलगाववादी कार्यकर्ताओं के साथ विपक्षी दलों के कार्यकर्ता भी शामिल रहे। एनआईए की जांच के मुताबिक इन सबके लिए हुर्रियत ने पाकिस्तानी एजेंसियों के साथ मिलकर फंड मुहैया कराया। 

NIA ने एक बयान में कहा है कि तलाशी अभियान के दौरान चार मोबाइल फोन, एक टैबलेट, कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज और वित्तीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं। NIA ने दावा किया कि बहल गिलानी की अगुवाई वाले हुर्रियत के कानूनी प्रकोष्ठ का सदस्य है। वो हुर्रियत के एक शीर्ष नेता का घनिष्ठ सहयोगी है और वो नियमित तौर पर मारे गए आतंकवादियों के जनाजे में शामिल होता था। एजेंसी ने कहा कि वो बहल की एक मैसेंजर के रूप में भूमिका की जांच कर रही है। क्योंकि शक है कि वो पाकिस्तान स्थित आकाओं से धन लेकर अलगाववादी नेताओं तक पहुंचाने में की भूमिका में सक्रिय है।

गौरतलब है कि NIA ने आठ अलगाववादी नेताओं को कश्मीर घाटी में 'टेरर फंडिग' मामले में गिरफ्तार किया था। इसमें शब्बीर शाह, अल्ताफ शाह, अयाज अकबर, पीर सैफुल्ला, मेहराज कलवल, शाहिद-उल-इस्लाम, नईम खान और बिट्टा कराटे शामिल हैं। इन आरोपियों को एनआईए ने पूछताछ के लिए रिमांड पर ले रखा है। इन सभी पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं और गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं।

loading...
Que.

क्या नोट बंदी के फैसले से अर्थव्यवस्था ख़राब हुई ?

समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया यहाँ दें l

एक नज़र इधर भी
loading...

FOLLOW US ON