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नीतीश कुमार ने कहा- "योगा डे नहीं ये पब्लिसिटी स्टंट है"

BhaskarHindi.com | Last Modified - July 27th, 2017 15:21 IST

नीतीश कुमार ने कहा-

टीम डिजिटल,पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा. साथ ही उन्होंने इसे मोदी सरकार का पब्लिसिटी स्टंट करार दिया.सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नीतीश ने कहा कि वह योगा डे के विरोध में नहीं हैं, लेकिन उन्हें योगा डे को पब्लिसिटी स्टंट के तौर पर इस्तेमाल किया जाना पसंद नहीं है. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार अंतरराष्ट्रीय योगा डे में शामिल नहीं होगी. उन्होंने कहा कि हम प्रचार में विश्वास नहीं रखते हैं.

नीतीश कुमार ने कहा, 'मैं योगा डे के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन मुझे इस (अंतरराष्ट्रीय योग दिवस) का पब्लिसिटी स्टंट पसंद नहीं है. मैं हर रोज योग करता हूं. लेकिन प्रचार-प्रसार से दूर रहता हूं. ये व्यक्तिगत चीजें हैं, इसे व्यक्तिगत तौर पर अपनाया जाना चाहिए. जो लोग सार्वजनिक तौर पर योग करते हैं, वो कमाल का योग करते हैं, हम दिखावा नहीं करते हैं'.

नीतीश-मोदी का खट्टा-मीठा रिश्ता
नीतीश और मोदी के बीच राजनीतिक लड़ाई कोई नई नहीं है. कई बार दोनों के बीच की कड़वाहट सामने आ चुकी हैं. हालांकि, नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड लगभग दो दशक तक एनडीए का हिस्सा रही है. लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नरेंद्र मोदी को पीएम कैंडिडेट घोषित किए जाने के बाद जेडीयू ने एनडीए से किनारा कर लिया था. पहली बार मोदी और नीतीश के बीच तकरार उस वक्त सामने आई, जब नीतीश ने गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी को साल 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव कैंपेन से बाहर रखने के लिए बीजेपी शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बनाया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक नीतीश साल 2002 में हुए गुजरात दंगों की वजह से बिगड़ी छवि की वजह से नरेंद्र मोदी को बिहार चुनाव कैंपेन से दूर रखना चाहते थे. इसके अलावा नीतीश ने 2009 के आम चुनाव और साल 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी नरेंद्र मोदी से दूरी बनाकर रखी थी.ऐसा नहीं है कि दोनों नेताओं के बीच सिर्फ कड़वाहट ही है. कई मौके ऐसे भी आए हैं जब नीतीश ने मोदी का समर्थन किया है. नीतीश विपक्ष के इकलौते ऐसे नेता हैं, जिन्होंने नोटबंदी के फैसले पर खुलकर पीएम मोदी का समर्थन किया था.

 

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