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#Bihar : ब्रेक-अप, इस्तीफा, फिर JDU-BJP का रोमांस, अब बने सीएम

BhaskarHindi.com | Last Modified - July 27th, 2017 14:51 IST

#Bihar : ब्रेक-अप, इस्तीफा, फिर JDU-BJP का रोमांस, अब बने सीएम

डिजिटल डेस्क, पटना। जैसी की उम्मीद थी, बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे के एक घंटे के भीतर ही बीजेपी ने बिना शर्त जदयू को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का ऐलान कर दिया। माना जा रहा है कि सीएम हाउस में बीजेपी और जदयू के विधायकों की बैठक के बाद नीतीश कुमार राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। छठवीं बार नीतीश ने शपथ ले ली है। 

इसके बाद ही यह तस्वीर साफ होगी कि क्या बीजेपी जदयू की संभावित सरकार में शामिल होगी या नहीं, और यह भी कि अगर वह सरकार में शामिल होती है तो दोनों दलों के गठबंधन की राह किस दिशा में जाएगी। फिलहाल आरजेडी बिहार में सबसे बड़ी पार्टी है। लालू और उनके परिजनों पर आयकर विभाग के छापों के बाद कांग्रेस का लालू को समर्थनवादी रुख इस आशंका को बढ़ाता है कि कहीं कांग्रेस और आरजेडी मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश ना कर दें। ऐसे में नीतीश कुमार यही चाहेंगे कि वे राज्यपाल के पास पहले ही बीजेपी के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश कर दें।

 

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JD-U के साथ है BJP

सुशील मोदी ने कहा कि BJP पार्टी JD-U के साथ है और भ्रष्टाचार के मसले पर कांग्रेस का रुख इस बात की तरफ इशारा करता है कि पार्टी ने करप्शन का साथ दिया। यही नहीं PM नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर नीतीश को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर ऊठकर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई शुरू की है और यह बिहार के उज्जवल भविष्य के लिए है। मोदी का ट्वीट भी इस बात की ओर इशारा करता है कि कहीं ना कहीं विकास और गवर्नेंस के मामले पर BJP और जेडीयू के बीच की नजदीकियां और बड़ी हैं। नीतीश कुमार ने करप्शन के आगे ना झूककर अपनी कुर्सी का बलिदान भले किया हो, लेकिन देश में इससे एक साफ संदेश गया है कि वे समझौता परस्त राजनेता नहीं हैं।

लालू ने नीतीश को बताया हत्या का आरोपी

बुधवार देर शाम हुए इस घटनाक्रम के बाद लालू ने नीतीश को हत्या का आरोपी बताया और यह भी कहा कि मंगलवार देर रात उनकी नीतीश कुमार से 40 मिनट तक बातचीत हुई थी। जिसमें उन्होंने इस्तीफा नहीं मांगा। लालू का यह कहना कि नीतीश ने वादा किया था कि वे मिट्टी में मिल जाएंगे लेकिन BJP से हाथ नहीं मिलाएंगे और सूबे के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ BJP नेता सुशील मोदी का यह कहना कि अब ताजा हालात में केंद्रिय नेतृत्व का फैसला ही स्वीकार्य होगा। इस बात की ओर साफ इशाार करता है कि कहीं ना कहीं BJP इसे सत्ता में भागीदार बनने के लिए इसे एक अवसर के तौर पर देख रही है।

लालू के पास नहीं है कोई जवाब

जब नीतीश से पूछा गया कि वे BJP से समर्थन लेंगे तो उन्होंने बेलाग कहा कि जो बिहार के हित में होगा हम जरूर करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अब हालात बदल चुके हैं, हम बिहार की जनता को नहीं समझा सकते। करप्शन के मसले पर अगर कोई सवाल उठाए तो हम क्या जवाब देंगे? उन्होंने यह भी कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनके परिजनों पर लगे करप्शन के आरोपों का जवाब उन्हें खुद देना चाहिए था जो उन्होंने नहीं दिया। और इससे साफ है कि उनके पास जवाब नहीं है।

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