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स्कूलों में बच्चे अब 'यस सर' की जगह बोलेंगे 'जय हिन्द' 

स्कूलों में बच्चे अब 'यस सर' की जगह बोलेंगे 'जय हिन्द' 

डिजिटल डेस्क, भोपाल। पूरे देश में जय हिन्द और वन्दे मातरम को लेकर मचे बवाल के बीच एमपी के स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह ने एक नया फरमान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को हाजिरी में अब जय हिंद बोलना होगा। शिक्षा मंत्री के इस फैसले की शुरुआत सतना से होगी और यदि यह सफल होगा तो ये फैसला पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

1 अक्टूबर से लागू होगा फैसला

सतना के स्कूलो में 1 अक्टूबर से अटेंडेंस के दौरान जय हिंद बोलना होगा। विजय शाह ने कहा कि इस तरह की शुरुआत से बच्चों में सामाजिक क्षेत्र में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि शासकीय स्कूलों में प्रारंभ में ही प्रतिदिन ध्वजारोहण झंडावंदन एवं राष्ट्रगान किया जाएगा, जिसके निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं।  

शहीदों के नाम पर होंगे स्कूलों के नाम 

उन्होने कहा कि देश की खातिर बलिदान देने वाले शहीद सैनिको के नाम पर उस ग्राम की प्राथमिक या माध्यमिक शाला का नामकरण किए जाने के प्रस्ताव को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ध्वजारोहण और झण्डावंदन की परम्परा प्रतिदिन प्राईवेट स्कूलों में भी किये जाने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में कक्षा एक से 12 तक एक ही पाठ्यक्रम की किताबे चलाने तथा मप्र की सीमा से लगे हुए प्रदेशों के मप्र में अध्ययनरत बच्चों को भी योजनाओं का लाभ दिलाने के संबंध में प्रस्ताव 25 सितम्बर को केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री के साथ होने वाली बैठक में रखा जाएगा।

बांटे जाएंगे बैग 

विजय शाह ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से स्कूलों के बच्चों को बैग वितरित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कम्पनियां बड़े-बड़े विज्ञापन करती हैं हम छात्रों के बैग के माध्यम से उनका प्रचार-प्रसार करेंगे। जिससे पन्नियों में पुस्तकें लेकर आने वाले बच्चों को बैग आसानी से मिल सकेंगे। इसी तरह स्कूलों में कम्प्यूटर और वाईफाई की व्यवस्था के लिए निजी कंपनियों से बातचीत चल रही है। स्कूल में कंपनियों का प्रचार प्रसार होगा और बच्चों को नि:शुल्क नेट की सुविधा उपलब्ध होगी। 

उपलब्ध कराएंगे फर्नीचर 

स्कूल शिक्षा विभाग कक्षा 1 से कक्षा 12 वीं तक बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्ड्ररी की कक्षाओं में फर्नीचर उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग के पास धन की कमी है, इसलिए एक प्रयोग किया जा रहा है। शासन प्रति वर्ष नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण करता है। जिसका खर्च प्रतिवर्ष 3 सौ करोड़ होता है। इस वर्ष से बांटी गई किताबों को बच्चों से वापस लिया जाएगा और उनमें वाइंडिंग कर वहीं किताबे बच्चों को वापस की जाएंगी। इससे जो धन राशि बचेगी उससे स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी।
 
बसों में होंगी महिला कंडेक्टर

आए दिन हो रही घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से स्कूल शिक्षा विभाग 13 सितम्बर को बैठक कर एक बड़ा फैसला लेने जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासकीय एवं गैर शासकीय स्कूलों को अपनी बसों में महिला कंडेक्टर रखना अनिवार्य होगा। इसके लिए पहले ही परिवहन विभाग को पत्र लिखकर सूचित किया जा चुका है। 

सीबीएसई स्कूलों पर कसेगी नकेल
 

स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश के अंदर संचालित सीबीएसई स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूलों की जांच करने के लिए अभी हमारे अधिकारियों के पास पावर नहीं हैं। 25 सितम्बर को दिल्ली में होने वाली बैठक में इस बात को रखा जाएगा कि अधिकारियों को इन स्कूलों की जांच करने के लिए और अधिकार दिए जाए। उन्होंने कहा कि अशासकीय स्कूलों की मनमानी फीस पर रोक लगाने के लिए शीघ्र ही अध्यादेश ला रहे हैं। ताकि अशासकीय स्कूल अभिभावकों से मनमानी फीस की वसूली न कर सकें। 

 

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