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बेंगलुरू सेंट्रल जेल में 'शशिकला' को वीवीआईपी सुविधाएं देने का आरोप

बेंगलुरू सेंट्रल जेल में 'शशिकला' को वीवीआईपी सुविधाएं देने का आरोप

डिजिटल डेस्क,बेंगलुरू।  एक पुलिस अफसर ने आरोप लगाया है कि बेंगलुरू की सेंट्रल जेल में सजा काट रहीं एआईएडीएमके प्रमुख शशिकला को वीवीआईपी सुविधाएं मिल रही हैं। अधिकारी के मुताबिक जेल के कई सीनियर स्टाफ गैरकानूनी गतिविधियों की इजाजत दे रहे हैं। डीआईजी जेल डी रूपा ने बुधवार को आरोप लगाया कि सेंट्रल जेल का स्‍टॉफ शशिकला को वीआईपी ट्रीटमेंट दे रहा है।

डीआईजी जेल ने सीनियर डीआईजी को चिट्ठी लिखकर इस बारे में जानकारी दी है। हालांकि डीजीपी ने इन आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि जहर के डर से खाना अलग से दिया जाता था, लेकिन कोई अलग से किचन नहीं बनाया गया है।

डी रूपा ने अपनी चिठ्ठी में लिखा है कि शशिकला ने स्पेशल किचन के लिए 2 करोड़ रुपए की डील की है और इस बात की जानकारी डीजीपी को थी। इस मामले में कर्नाटक के डीजीपी शामिल हैं। गौरतलब है कि शशिकला आय से अधिक संपत्ति मामले में बेंगलुरू की सेंट्रल जेल में चार साल की सजा काट रही हैं। 10 जुलाई को जेल निरीक्षण के बाद ही ये मामला सामने आया है। रूपा ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि बीते 10 जुलाई को जिन 25 कैदियों का ड्रग टेस्ट हुआ, उनमें से 18 के नतीजे पॉजिटिव निकले। लेटर में उन लोगों के नाम और उनके शरीर में मौजूद ड्रग्स का जिक्र है। अधिकतर कैदियों के शरीर में गांजा के अंश मिलने की बात कही गई है। लेटर में कुछ खास मामलों का जिक्र है, जिनके मुताबक जेल के सीनियर अधिकारियों ने ऐक्शन नहीं लिया।

एक अन्‍य आरटीआई कार्यकर्ता से मिली जानकारी के मुताबिक एक महीने में शशिकला से 14 मौकों पर 28 लोगों ने बेंगलुरू सेंट्रल जेल में मुलाकात की। आरटीआई कार्यकर्ता नरसिम्हा मूर्ति ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे जेल मैनुअल का उल्‍लंघन बताया था। इस आरटीआई कर्यकर्ता के विरोध के बाद परपनाग्रहारा यानी बेंगलुरू सेंट्रल जेल प्रशासन ने सफाई दी।

दरअसल कर्नाटक जेल मैनुअल के मुताबिक विचाराधीन कैदी सप्‍ताह में दो बार अपने वकीलों या जान पहचान और रिश्तेदारों से मिल सकता है जबकि सजा काट रहा कैदी 15 दिन में दो बार ही मिल सकता है।

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