Thursday, June 29, 2017
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जजों को दस करोड़ देकर छूटे गायत्री प्रजापति!


BhaskarHindi.com

Updated June 19, 2017 09:57 am


टीम डिजिटल, लखनऊ. यूपी के पूर्व मंत्री और रेप के आरोपी गायत्री प्रजापति को साजिश के तहत जमानत दी गई थी. इस बात का खुलासा इलाहाबाद हाई कोर्ट की रिपोर्ट में किया गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि जमानत के लिए 10 करोड़ की डील की गई. इस डील में एक वरिष्ठ जज भी शामिल थे.

इस पूरी डील में 5 करोड़ रुपए उन तीन वकीलों को दिए गए जो मामले में बिचौलिए की भूमिका निभा रहे थे. वहीं बाकी के 5 करोड़ रुपए पोक्सो जज ओपी मिश्रा और उनकी पोस्टिंग संवेदनशील मामलों की सुनवाई करने वाली कोर्ट में करने वाले जिला जज राजेंद्र सिंह को दिए गए थे.

जजों की पोस्टिंग में भी हुआ भ्रष्टाचार

हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दिलीप बी भोसले ने प्रजापति को जमानत मिलने की जांच के आदेश दिए थे. इस जांच में संवेदनशील मामलों की सुनवाई करने वाली अदालतों में जजों की पोस्टिंग में हुए भ्रष्टाचार की भी बात सामने आई. इस तरह की अदालतें बलात्कार और हत्या जैसे जघन्य अपराधों के मामलों की सुनवाई करती हैं. वहीं इंटलिजेंस ब्यूरो ने भी जज की गलत पोस्टिंग की बात मानी है.

अभी तक इस मामले में जिला जज राजेंद्र सिंह से पूछताछ की जा चुकी है. मामले के सामने आने के बाद राजेंद्र सिंह को पदोन्नत कर हाई कोर्ट में तैनात किया जाना था. लेकिन इस मामले के सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने उनका नाम वापस ले लिया है और आगे की प्रक्रिया लंबित कर दी है. 

कोर्ट की फटकार के बाद हुई थी मंत्री की गिरफ्तारी

गौरतलब है कि अखिलेश सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति के खिलाफ बलात्कार के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद यूपी पुलिस ने 17 फरवरी को एफआईआर दर्ज की थी. इसके बाद प्रजापति को 15 मार्च को गिरफ्तार किया गया. 24 अप्रैल को उन्होंने जज ओपी मिश्रा की अदालत में जमानत की अर्जी दी और उन्हें मामले की जांच जारी रहने के बावजूद जमानत दे दी गई थी.


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