Dainik Bhaskar Hindi

Home » National » Presidential election: Sushma Swaraj is at the forefront of Rashtrapati Bhavan's race

राष्ट्रपति चुनाव : वेंकैया-राजनाथ के साथ सोनिया की बैठक खत्म, नाम पर जल्द लगेगी मुहर

DainikBhaskarHindi.com | Last Modified - July 27th, 2017 15:55 IST

राष्ट्रपति चुनाव : वेंकैया-राजनाथ के साथ सोनिया की बैठक खत्म, नाम पर जल्द लगेगी मुहर

टीम डिजिटल,नई दिल्ली.  राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है. सत्ताधारी बीजेपी के पास चुनाव में अपने उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं है. बावजूद इसके संख्याबल के हिसाब से सत्तारूढ़ राजग सरकार अब भी सब पर भारी है. विपक्षी दल सरकार से मांग कर रहे हैं कि ऐसे व्‍यक्ति को प्रत्‍याशी बनाया जाना चाहिए जिसके नाम पर आम सहमति बन सके. बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए आम सहमति तैयार करने के मकसद से विपक्षी दलों के साथ चर्चा करने की पहल की है. जिसके लिए पार्टी ने तीन सदस्‍यीय समिति बनाई है. इस समिति के  वेंकैया नायडू और राजनाथ सिंह आज (शुक्रवार) कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले. यह बैठक करीब 30 मिनट तक चली. बैठक के बाद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बीजेपी ने हमसे उम्मदीवार का नाम पूछा है, बीजेपी नेताओं ने बैठक में कोई नाम नहीं रखा है.

राजनीतिक जानकारों की मानें तो विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ही एक ऐसी शख्सियत हैं जिन पर सत्ता के साथ-साथ विपक्ष के कुछ दल अपनी सहमति राष्ट्रपति पद के लिए दे सकते हैं. हालांकि अभी तक राष्ट्रपति पद के लिए किसी के भी नाम की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन फिर भी सबसे ज्यादा चर्चा सुषमा स्वराज के नाम को लेकर हो रही है. जानकार बताते हैं कि राष्ट्रपति भवन की दौड़ में सुषमा स्वराज सबसे आगे हैं.

क्यों हैं सुष्मा का नाम सबसे आगे

अपने काम और व्यवहार को लेकर सभी दलों में सुषमा स्वराज के लिए विशेष सम्मान है. किसी के साथ उनका कोई मतभेद भी नहीं है. इसके अलावा जब मदद की बारी आती है तो वे सबसे आगे नज़र आती हैं. सोशल मीडिया पर वह मदद के लिए हमेशा तैयार रहती हैं. सूत्र बताते हैं कि तृणमूल कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अगर बीजेपी सुषमा स्वराज या किसी भी महिला उम्मीदवार को उतारती है तो वह विरोध करने की स्थिति में नहीं होगी.

सुषमा स्वराज के साथ जिन और नामों की चर्चा चल रही है उनमें सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलौत, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के नाम प्रमुख हैं. हालांकि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही करना है. इस पर लालू प्रसाद यादव भी कह चुके है कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का नाम प्रधानमंत्री के पेट में है, बाकी सब आंख में धूल झोंकने जैसा है.


समाचार पर अपनी प्रतिक्रिया यहाँ दें l

loading...
एक नज़र इधर भी
loading...
loading...
loading...

FOLLOW US ON