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IPL के प्रसारण अधिकारों की नीलामी में सुप्रीम कोर्ट नहीं देगा दखल

BhaskarHindi.com | Last Modified - August 28th, 2017 22:14 IST

IPL के प्रसारण अधिकारों की नीलामी में सुप्रीम कोर्ट नहीं देगा दखल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। IPL T-20 के 2018 में खेले जाने वाले मैचों के TV, इंटरनेट और मोबाइल प्रसारण के अधिकार की नीलामी को रोकने से सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मना कर दिया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की इस नीलामी में स्टार इंडिया और सोनी पिक्चर्स समेत 24 कंपनियां भाग लेने वाली हैं।

नीलामी की रकम 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की है और इसके लिए TV, मोबाइल और इंटरनेट के रूप में तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। नीलामी के लिए बोली लगाने की तारीख 4 सितंबर है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और डीवाय चंद्रचूड़ की बेंच ने BCCI की कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (COA) के उस जवाब को तवज्जो दी, जिसमें मीडिया राइट्स के लिए BCCI द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया का समर्थन किया गया है। कोर्ट ने BJP के नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने इसे ई-नीलामी में बदलने का आग्रह किया गया था।

COA की ओर से पेश वकील और पूर्व CAG विनोद राय ने कहा कि BCCI की नीलामी की प्रक्रिया सही है, क्योंकि इसमें भागीदार कंपनियां मीडिया राइट्स हासिल करने के लिए सबसे ज्यादा बोली लगाएंगी। हालांकि सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि वे अब एक अंतरिम आवेदन लगाएंगे, जिसमें IPL के अध्यक्ष द्वारा चैनल संचालित करने से कथित रूप से हितों के टकराव और आपसी घालमेल का जिक्र होगा। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे किसी भी अंतरिम आवेदन को स्वीकार करने पर हामी भरी।

IPL के मैच अगले साल अप्रैल में शुरू होंगे और इसके प्रसारण अधिकार 2018 से 2022 तक के लिए दिए जाएंगे। 11 जुलाई को IPL की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मीडिया राइट्स के लिए टेंडर बुलाने पर सहमति हो गई थी। इसमें कहा गया था कि BCCI इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतेगी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने COA से पूछा था कि BCCI की टेंडर की प्रक्रिया किस तरह ई-टेंडर की प्रक्रिया से बेहतर है। उधर स्वामी ने अपनी याचिका में दावा किया था कि IPL के लिए मीडिया राइट्स की कुल लागत 30 हजार करोड़ रुपए है और BCCI की टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होने से बोर्ड को नुकसान उठाना होगा।

 

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