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समाज ने ठुकराया, दंपति ने सरकार से मांगी मौत

समाज ने ठुकराया, दंपति ने सरकार से मांगी मौत

टीम डिजिटल, गरियाबंद. समाज से ठुकराए एक शिक्षक दंपति ने इंसाफ ना मिलने पर छतीसगढ़ सरकार से परिवार समेत मौत मांगी है. जाति से बाहर शादी करने के कारण समाज ने दंपति को उनके रिश्तेदारों समेत बिरादरी से बाहर कर दिया था. कई सालों तक समाज से अलग रहने के बाद अब जाकर दंपति ने सरकार से मौत देने की दर्खास्त की है.

घटना मैनपुर विकासखंड के खैरमाल गांव की है. सोनाधर ने 7 साल पहले अपने समाज की अनिता नाम की शिक्षिका से रायपुर के एक मंदिर में शादी की थी. सोनाधर की पत्नी को अगले ही दिन समाज ने यह कहकर बेदखल कर दिया गया था, कि लड़की उनकी जाति की नहीं. साथ ही समाज के लोगों ने गांव और समाज के लोगों से सोनाधर के परिवार से दूर रहने के साथ-साथ किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

इससे तंग आकर परिवार ने बीते 4 जून को इसकी शिकायत अमलीपदर थाना में दर्ज करा दी. कानून के डर से समाजिक पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार को समाज में मिलाने का आश्वासन तो दे दिया है, लेकिन उसे अमल नहीं किया गया.
सोनधर ने पुलिस को दिए गए आवेदन में कहा है कि बीते 30 अप्रैल को छोटी बहन निरेन्द्री का विवाह ओड़िशा के नवरंगपुर जिले के मुड़ीबेड़ा में रहने वाले स्वजातीय वर से किया गया था. समाज के लोगों ने 26 मई को बैठक रखकर उसके ससुराल वालों के साथ-साथ मेरे रिश्तेदारों को भी बहिष्कार करने का पत्र समाज को भेज दिया. 
आवेदन में सोनाधर ने चंदाहांडी थाना क्षेत्र और समाज के झरगांव केन्द्र सभा के कुल 13 पदाधिकारियों का नाम लिखकर कार्रवाई की मांग की है. ऐसे में अब पीड़ित सोनाधर ने अपने पूरे परिवार के साथ शासन से इच्छा मृत्यु मांगी है.

 

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