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भूतों ने किया निर्माण, एक रात में बने हैं ये 4 रहस्यमीय मंदिर

DainikBhaskarHindi.com | Last Modified - September 07th, 2017 12:23 IST

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत  परंपराओं का देश है, यहां हर मंदिर और प्राचीन स्थलों से अनेक कहानियां जुड़ी हैं। ज्यादातर देवालयों का निर्माण राजा-महाराजाओं द्वारा कराया बताया जाता है। इसके पीछे उनकी मन्नतें और आस्था भी जुड़ी होती थी, लेकिन आज हम आपको जिन चार मंदिरों के बारे में बता रहे हैं उन्हें लेकर अजीबोगरीब कहानियां प्रचलित हैं। कहा जाता है कि इनका निर्माण एक रात में किया गया वहीं कुछ का निर्माण भूतों ने किया है। यहां ये बात भी जानना जरूरी है कि इनके निर्माण के संबंध अन्य जानकारी भी प्राप्त नहीं होती, जिसकी वजह से यही कहानियां सर्वमान्य हैं...

उत्तराखंड का हथिया देवाल

ये मंदिर एक ही रात में ही बना माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि ये शापित मंदिर है। पिथौरागढ़ में स्थित हथिया देवाल मंदिर के बारे में कथा है कि इसे एक हाथ वाले शिल्पकार ने रात भर में ही बना दिया था। ऐसा भी कहा जाता है कि ये एक भूत ने बनाया है। निर्माण कार्य के दौरान ही सुबह हो गई जिसकी वजह से इसका कुछ हिस्सा पूर्ण नहीं हो सका।

मध्य प्रदेश का ककनमठ

ये मंदिर मुरैना जिले से करीब 20 किलोमीटर दूर है। ये प्राचीन शिवमंदिर ककनमठ के नाम से मशहूर है। ये मंदिर ही एक रात में बना है। कच्छवाहा वंश के राजा कीर्ति सिंह के शासनकाल में इस मंदिर का निर्माण हुआ। इसका निर्माण भी भूतों ने किया है ऐसा माना जाता है। मंदिर में गारे या चूने का कहीं प्रयोग नहीं हुआ। केवल पत्थरों पर टिका है ये मंदिर लेकिन इतना संतुलित है कि आंधी तूफान में भी इस पर कोई असर नहीं होता।

झारखंड का देवघर मंदिर

झारखंड राज्य के देवघर में स्थित ये मंदिर अदभुत है। इसमें प्रवेश करने का एक ही द्वार है। कहा जाता है कि इस मंदिर को भी एक ही रात में बनाया गया है और इसका निर्माण देव शिल्पी विश्वकर्मा ने किया है। इसके बारे में भी यही कथा है कि सुबह होते होते ये मंदिर पूरा नहीं बन गया इसलिए ये इतना ही बन पाया। 

रायसेन का भोजेश्वर मंदिर

ये मंदिर रायसेन जिले में है जिससे उत्तर भारत का सोमनाथ मंदिर भी कहा जाता है। पहाड़ी पर बने इस मंदिर को महाभारत काल का माना जाता है। कहानी है कि पांडवों ने माता कुंती के लिए ये मंदिर रात भर में बना दिया था।


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Om Prakash Mishra

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