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1993 मुंबई ब्लास्ट : 257 लोगों की हत्या के बाद कराची भागा था दाऊद, जानिए कब क्या हुआ

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 08th, 2017 07:21 IST

1993 मुंबई ब्लास्ट : 257 लोगों की हत्या के बाद कराची भागा था दाऊद, जानिए कब क्या हुआ

डिजिटल डेस्क, मुंबई। 12 मार्च 1993 में मुंबई में कई जगहों पर सीरियल ब्लास्ट किए गए थे, जिसमें 257 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ गया था। इस काले दिन को आज भी देश भर में 'ब्लैक फ्राइडे' के नाम से जाना जाता है। इस हमले के दौरान देश में पहली बार आतंकी घटनाओं में RDX को इस्तेमाल में लाया गया था। मामले में टाडा कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम और उसके साथी करीमुल्लाह शेख को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं दो अन्य आरोपी ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को फांसी की सजा सुनाई गई।

इस आतंकी हमले के पीछे मुंबई के अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का हाथ था। इन धमाकों के पहले ही दाऊद पाकिस्तान के कराची में भाग गया था। वहीं धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी, इसका असल आरोपी दाऊद को ही माना गया है। इस हमले की साजिश पकिस्तान में रची गई थी, जिसमें विस्फोटकों को इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग भी आतंकियों को पाकिस्तान में ही दी गई थी। पाकिस्तान के द्वार ही समुद्री मार्ग से RDX को तस्करी कर हमारे देश में पहुंचाया गया था।
 
इस हमले पर 2006 में पहले भी एक बार अदालत फैसला सुना चुकी है, जिसमें 123 आरोपियों में से 100 को सजा मिली थी जबकि 23 आरोपियों को रिहा करने के आदेश दिए गए थे। इन अभियुक्तों में बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त का भी नाम शामिल था। आरोपों के मुताबिक ये बम ब्लास्ट दिसंबर, 1992 के अयोध्या के बाबरी मस्जिद विध्वंस का बदला लेने के प्रयोजन से किये गए थे। हालांकि बाबरी विध्वंस के बाद मुंबई में 1992 और 1993 में दो बार सांप्रदायिक दंगे भी हुए थे।

हमले के बाद दाउद पर लगे आरोपों में कहा गया कि दाऊद गिरोह के सदस्यों ने अपने स्थानीय गुंडों टाइगर मेनन, दोसा भाइयों के साथ मिलकर मुंबई में आतंकी हमले की साजिश रची थी। जिसके लिए दोसा भाइयों के साथ टाइगर, छोटा शकील ने कई आतंकी प्रशिक्षण शिविरों का भी आयोजन किया था।

एक नजर

  • 12 मार्च,1993 को मुंबई में सीरियल ब्लास्ट हुए जिसमें 12 बम धमाकों 257 व्यक्ति मारे गये थे और 713 लोग घायल हुए।
  • 19 अप्रैल, 1993 : बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की गिरफ्तारी हुई।
  • 4 नवंबर, 1993 : संजय दत्त सहित 189 आरोपियों के खिलाफ 10,000 पन्नों की चार्जशीट फाइल की गई।
  • 19 नवंबर, 1993 : जांच करने के लिए मामले को सीबीआई के हाथों में सौंपा गया।
  • 10 अप्रैल, 1995 :  अदालत ने 26 आरोपियों को रिहा किया साथ ही शेष आरोपियों  के खिलाफ आरोप तय किया।
  • 19 अप्रैल, 1995 : मुक़दमे की पहले चरण की सुनवाई शुरू की गई
  • 18 सितंबर, 2002 : पुर्तगाल में अबु सलेम को गिरफ्तार किया गया।
  • 20 मार्च, 2003 : सीबीआई ने आरोपी मुस्तफा दोसा को नयी दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया।
  • सितंबर, 2003 : मुख्य मुकदमे की सुनवाई पूरी हुयी, और फैसले को सुरक्षित रखा गया।
  • 9  जनवरी, 2004 : मुस्तफा दोसा के खिलाफ आरोप तय किए गए।
  • 11 नवंबर, 2005 : अबु सलेम को पुर्तगाल से भारत लाया गया।
  • 9 दिसंबर, 2005 : अबु सलेम के खिलाफ आरोप तय किए गए। 
  • 13 जून, 2006 : अबु सलेम के मुकदमे को अन्य आरोपियों के मुक़दमे से अलग कर दिया गया।
  • 12 सितंबर, 2006 : अदालत ने फैसला सुनाया जिसमें मेमन परिवार के चार सदस्यों को दोषी ठहराया गया और बाकी तीन सदस्यों को मुक़दमे से बरी कर दिया गया। साथ ही 12 दोषियों को मौत की सजा और 20 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गयी।
  • फरवरी 2007 : मुख्य मुकदमा बंद हुआ साथ ही दूसरे चरण में सात अभियुक्तों के खिलाफ सुनवाई शुरू की गई।
  • 16 मार्च, 2013 : संजय दत्त ने अदालत में आत्मसमर्पण किया। 
  • 21 मार्च, 2013 : सुप्रीम कोर्ट ने टाइगर मेमन के भाई याकूब मेमन की फांसी की सजा बरकरार रखने के साथ ही अन्य 10 दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। साथ ही 18 में से 16 दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा गया।
  • 13 अगस्त, 2013 : अदालत ने अबु सलेम के खिलाफ तय किये गए कुछ आरोपों को हटाया जिनसे भारत और पुर्तगाल के बीच हुए प्रत्यार्पण संधि का उल्लंघन हुआ था।
  • 30 जुलाई, 2015 : मुख्य साजिशकर्ता याकूब मेमन को फांसी दी गई।
  • 7 दिसंबर, 2015 : मुकदमे की दूसरे चरण की सुनवाई में अंतिम बहस शुरू हुई।
  • 8 जून, 2016 : अदालत ने आरोपी फिरोज अब्दुल राशिद की सरकारी गवाह बनने की याचिका को खारिज कर दिया।
  • मार्च 2017 : दूसरे चरण की सुनवाई भी पूरी हुई।
  • 16 जून, 2017 : अदालत ने सलेम और दोसा सहित छह आरोपियों को दोषी ठहराया और एक को बरी किया।
  • 28 जून, 2017 : मुंबई के एक अस्पताल डोसा की मौत दिल का दौरा पड़ने से हो गई।
  • 7 सितंबर, 2017 : अदालत ने ताहिर मर्चेंट और राशिद खान को मौत की सजा सुनाई, साथ ही अबु सलेम और करीमुल्लाह खान को उम्रकैद की सजा और रियाज सिद्दीकी को 10 साल कैद की सजा सुनायी गई।
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