भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई स्थानीय विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए 200 प्रमुख संस्थानों के साथ मिलकर काम करेगा

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई स्थानीय विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए 200 प्रमुख संस्थानों के साथ मिलकर काम करेगा

Aditya Upadhyaya
Update: 2020-11-21 10:29 GMT
गड़चिरोली में जिला खनिज निधि का नहीं हो रहा कोई उपयाेग!

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई स्थानीय विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए 200 प्रमुख संस्थानों के साथ मिलकर काम करेगा विश्व स्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) नेटवर्क प्रदान करने और तकनीकी संस्थानों तथा उद्योग के बीच एक पुल बनाने के लिए अपनी दृष्टि के अनुरूप, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को स्थानीय विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए मिलकर काम करने की पहल के लिए कई प्रतिष्ठित संस्थानों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। एनएचएआई के अनुसार, (आईआईटी रुड़की, आईआईटी बम्बई, आईआईटी वाराणसी, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी कानपुर, आईआईटी खड़गपुर) सहित 18 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईटी , 26 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान-एनआईटी और 190 अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों ने एनएचएआई के साथ सहयोग करने पर सहमति व्यक्त की है। इनमें से, लगभग 200 संस्थान पहले ही समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। एनएचएआई ने कहा है कि उसने प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों और इंजीनियरिंग कॉलेजों को संस्थान सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्वैच्छिक आधार पर राष्ट्रीय राजमार्गों के निकटवर्ती हिस्सों को अपनाने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की थी। 300 से अधिक संस्थानों के राष्ट्रीय राजमार्गों के निकटवर्ती हिस्सों को अपनाने के लिए सहयोग करने की उम्मीद है। अपनाए गए हिस्सों को संकाय और शोधकर्ताओं के लिए अध्ययन के क्षेत्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है और उद्योग में नवीनतम रुझानों के साथ संस्थान के छात्रों को परिचित कराने और प्रासंगिक प्रदर्शन मापदंडों तथा नवाचारों का सुझाव देते हैं। इस पहल के तहत, साझेदार संस्थान सड़क सुरक्षा, रखरखाव, परिवहन की सुविधा, अवरोधकों और ब्लैक स्पॉट को हटाने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए एनएचएआई को उपयुक्त सुझाव देंगे। एनएचएआई और संस्थानों ने कहा कि नई परियोजनाओं की अवधारणा, डिजाइन और परियोजना की तैयारी के दौरान परामर्शदाता/ एनएचएआई के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित हैं और बेहतर सामाजिक आर्थिक परिणामों के लिए स्थानीय जलवायु, स्थलाकृति और संसाधन क्षमता के अनुभव के आधार पर प्रासंगिक प्रदर्शन मानदंडों और नवाचारों का सुझाव देते हैं। मौजूदा राजमार्गों की दक्षता में सुधार के लिए सहयोग के क्षेत्र हैं: (i) मौजूदा कमियों को दूर करके और स्थानीय अनुभव के आधार पर पुरानी आवर्ती समस्याओं के संभावित समाधानों की पेशकश करके सुरक्षा प्रावधानों में सुधार। (ii) राजमार्गों के निकट के हिस्से के लगातार रखरखाव में सुधार और नवीन तकनीकों के आधार पर प्रभावी लागत उपायों के माध्यम से आरामदायक परिवहन में सुधार। (iii) भीड़भाड़ वाले इलाकों को समाप्त करने के लिए स्थानीय समाधान करके यातायात की औसत गति में वृद्धि करना है। (iv) मौजूदा यातायात प्रणाली और उपयोगकर्ता की अपेक्षाओं के आधार पर सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए नए तरीके की सुविधाओं की व्यवहार्यता। एनएचएआई 20 स्नातक और 20 स्नातकोत्तर छात्रों को छात्रवृत्ति के साथ इंटर्नशिप भी प्रदान करेगा। यह पहल एनएचएआई और संस्थान दोनों के लिए सफल परिणाम प्रदान करेगी और छात्रों के बीच बुनियादी ढांचे के निर्माण में योगदान की भावना भी पैदा करेगी। एनएचएआई ने देश की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक विश्व स्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क प्रदान करने के लिए लागत-प्रभावी तरीके से बड़ी संख्या में मेगा हाइवे परियोजनाओं का निर्माण करने की कल्पना की है। एक संस्थान द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के पास के हिस्सों को अपनाने से हितधारक जुड़ाव को सुगम बनाया जा सकेगा और यातायात की बाधा, भीड़भाड़ जैसी नियमित स्थानीय समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी और दुर्घटना-ग्रस्त स्थलों और इसके कारणों की तत्काल पहचान हो सकेगी।

Similar News