मजबूरी: लॉकडाउन में काम न मिलने से प्रवासी मजदूर ने बेच दी अपनी 15 दिन की नवजात बच्ची, पुलिस ने बचाया

मजबूरी: लॉकडाउन में काम न मिलने से प्रवासी मजदूर ने बेच दी अपनी 15 दिन की नवजात बच्ची, पुलिस ने बचाया

Bhaskar Hindi
Update: 2020-07-24 12:30 GMT
मजबूरी: लॉकडाउन में काम न मिलने से प्रवासी मजदूर ने बेच दी अपनी 15 दिन की नवजात बच्ची, पुलिस ने बचाया

डिजिटल डेस्क, कोकराझर (असम)। कोरोना काल में काम न मिलने की वजह से लोग आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर प्रवासी मजदूरों पर पड़ा है। गरीबी का आलम ये है कि इन मजदूरों को अपने बच्चे तक बेचने पड़ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला असम के कोकराझर में सामने आया है। यहां कोरोना वायरस महामारी के कारण काम न मिलने की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रहे एक प्रवासी मजदूर ने 15 दिन पहले जन्मी नवजात बच्ची को 45 हजार रुपए में बेच दी। हालांकि, पुलिस ने बच्ची को बचा लिया है। एक अधिकारी ने बताया कि मामले में एक व्यक्ति व दो महिलाओं को मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

मानव तस्करी के खिलाफ काम करने वाले एक एनजीओ के अधिकारी ने बताया कि कोकराझर जिले के गांव धनतोला मंडारिया का निवासी दीपक ब्रह्मा हाल ही में गुजरात से लौटा था। वह वहां पर मजदूरी करता था। इसके पास कोई नौकरी नहीं थी और ऐसे में उसके लिए परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया था। जानकारी के अनुसार दीपक के गुजरात से वापस आने के बाद उसका परिवार कोछुगांव पतकटा गांव में अपने रिश्तेदारों के साथ रहने लगा था। नेदान फाउंडेशन के चेयरमैन दिगंबर नरजरी ने कहा कि ऐसे समय में दीपक की पत्नी ने बच्ची को जन्म दिया। यह उनकी दूसरी बच्ची थी। पहली बच्ची की आयु एक साल है।

लॉकडाउन और कोरोना के कारण नहीं मिला काम 
दिगंबर ने बताया कि दीपक ने इस दौरान काम ढूंढने की कोशिश की, लेकिन लॉकडाउन और महामारी के चलते उसे काम नहीं मिल पाया। जब आमदनी के सभी रास्ते उसे बंद नजर आने लगे तो उसने नवजात बच्ची को ही बेचने का फैसला कर लिया और दो जुलाई को मजह 45 हजार रुपये में दो महिलाओं को बच्ची बेच दी। 

बच्ची को खरीदने वाली दो महिलाओं को गिरफ्तार किया
दीपक ने यह बात अपनी पत्नी को भी नहीं बताई। जब उसकी पत्नी और गांववालों के इस बात का पता चला तो उन्होंने कोछुगांव पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जानकारी मिलते ही कार्रवाई की और दो महिलाओं के पास से बच्ची को बरामद कर लिया। दोनों महिलाएं बहनें बताई जा रही हैं। पुलिस ने दोनों महिलाओं और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पूछताछ के दौरान महिलाओं ने दावा किया कि उन्होंने बच्ची को उनसे संबंधित एक संतानविहीन पति-पत्नी के लिए खरीदा था। महिलाओं ने मानव तस्करी के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

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