Tokyo Olympics: भारत की मेन्स हॉकी टीम 49 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंची, क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से हराया

Tokyo Olympics: भारत की मेन्स हॉकी टीम 49 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंची, क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से हराया

Bhaskar Hindi
Update: 2021-08-01 12:24 GMT
Tokyo Olympics: भारत की मेन्स हॉकी टीम 49 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंची, क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से हराया
हाईलाइट
  • मेन्स हॉकी के क्वार्टर फाइनल का मैच भारत और ग्रेट ब्रिटेन के बीच

डिजिटल डेस्क, टोक्यो। मेन्स हॉकी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत ने ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से हरा दिया। भारत की ओर से दिलप्रीत सिंह 7वें मिनट में फील्ड गोल किया। दूसरा गोल गुरजंत सिंह ने 16वें मिनट में किया। हालांकि तीसरे क्वार्टर में ब्रिटेन ने वापसी की और 45वें मिनट में सैम वार्ड ने गोल किया और स्कोर 2-1 कर दिया। हार्दिक सिंह ने 57वें मिनट ​में गोल दागकर लीड को 3-1 कर दिया। मनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम 49 साल बाद सेमीफाइनल में पहुंची है। सेमीफाइनल में अब भारत का सामना बेल्जियम से होगा। टोक्यो ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 7-1 की हार को छोड़ दें तो अब तक भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है।

इंग्लैंड के डिफेंडर ने पहले क्वार्टर के आठवें मिनट में गलती की और अपने ही हाफ में गेंद भारतीय खिलाड़ी को दे दी। ये गेंद दिलप्रीत सिंह के पास पहुंची और उन्होंने गोलकीपर के पैरों के बीच से गोल दागते हुए भारत को 1-0 से आगे कर दिया। क्वार्टर खत्म होने से ठीक पहले इंग्लैंड ने भी आक्रमण किया, लेकिन भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने शानदार बचाव करते हुए गोल होने से बचाया।

दूसरे क्वार्टर के पहले मिनट में एक बार फिर इंग्लिश डिफेंडर की गलती पर भारत को गेंद मिली और गुरजंत गेंद रिसीव करने के लिए सही जगह मौजूद थे। उन्होंने टर्न लेते हुए शानदार गोल दागा। इससे भारत की बढ़त 2-0 हो गई।  तीसरा क्वार्टर समाप्त होने से एक मिनट पहले इंग्लैंड को लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले। अंतिम कॉर्नर पर वॉर्ड ने गोल दागकर इंग्लैंड को पहला गोल दिलाया। अंतिम क्वार्टर में इंग्लैंड ने लगातार आक्रमण किया, लेकिन मैच समाप्त होने से तीन मिनट पहले हार्दिक सिंह ने गोल दागते हुए भारत की जीत पक्की कर दी।

टीम इंडिया
गोलकीपर : पीआर श्रीजेश
डिफेंडर्स : हरमनप्रीत सिंह, रुपिंदर पाल सिंह, सुरेंद्र कुमार, अमित रोहिदास, बीरेंद्र लाकड़ा।
मिडफील्डर्स : मनप्रीत सिंह (कप्तान), हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, निलकांत शर्मा, सुमित।
फॉरवर्ड्स : शमशेर सिंह, दिलप्रीत सिंह, गुरजंत सिंह, ललित कुमार उपाध्याय, मंदीप सिंह।
स्टैंडबाय : कृष्ण पाठक (गोलकीपर), वरुण कुमार (डिफेंडर), सिमरनजीत सिंह (मिडफील्डर)।

ग्रेट ब्रिटेन
एडम डिक्सन (कप्तान), डेविड एम्स, इयान स्लोअन, सैम वार्ड, जैकब ड्रैपर, रुपर्ट शिपर्ली, जैक वॉलेस, ओली पेन, लियाम अंसेल, ब्रैंडन क्रीड, जेम्स गॉल, क्रिस ग्रिफिथ्स, फिल रोपर, लियाम सैनफोर्ड, टॉम सोर्सबी और जैक वॉलर।

आखिरी बार 1972 में भारत ने सेमीफाइनल खेला था
1972 में  भारत ने आखिरी बार ओलंपिक सेमीफाइनल खेला था। पाकिस्तान के खिलाफ खेल गए इस मैच में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 1980 में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन उस बार सेमीफाइनल खेला ही नहीं गया था। वास्तविक 12 में से नौ टीमों ने विरोध के स्वरूप में ओलंपिक में हिस्सा ही नहीं लिया था और इस वजह से केवल छह टीमों ने ही ओलंपिक खेला था।

आस्ट्रेलिया, बेल्जियम और जर्मनी भी सेमीफाइनल में
उधर, आस्ट्रेलिया, बेल्जियम और जर्मनी की पुरुष हॉकी टीमों ने रविवार को अपना-अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है। जर्मनी ने जहां ओई हॉकी स्टेडियम में खेले गए दिन के पहले मुकाबले में ओलंपिक चैम्पियन अर्जेटीना को 3-1 से हराया वहीं आस्ट्रेलिया ने नीदरलैंड्स को पेनाल्टी शूटआउट के बाद 3-0 से हराया। नीदरलैंड्स और आस्ट्रेलिया के बीच हुए मुकाबला निर्धारित समय तक 2-2 की बराबरी पर छूटा था। शूटआउट के दौरान आस्ट्रेलिया ने अपने गोलकीपर एंड्रयू लेविस चार्टर के साहसिक प्रदर्शन के दम पर यह मुकाबला अपने नाम किया।

दूसरी ओर, जर्मनी ने लुकास विंडफेडर द्वारा किए गए दो गोलों की मदद से 2016 के रियो ओलंपिक में स्वर्ण जीतने वाली अर्जेटीना की टीम को बाहर का रास्ता दिखाया। सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया के सामना जर्मनी से ही होगा। रविवार को ही विश्व चैम्पियन बेल्जियम ने तीसरे क्वार्टर फाइनल में स्पेन को 3-1 से हराया।

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