Ethanol-Blended Petrol: क्या इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से खराब हो सकता है आपकी गाड़ी का इंजन? क्या वाकई में माइलेज घटेगा, किन बातों का रखना होगा ध्यान

क्या इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से खराब हो सकता है आपकी गाड़ी का इंजन? क्या वाकई में माइलेज घटेगा, किन बातों का रखना होगा ध्यान
एक रिपोर्ट के अनुसार, E20 पेट्रोल का उपयोग करने पर कुछ वाहनों में माइलेज 3 से 7 प्रतिशत तक कम हो सकता है। हालांकि, कई बातों का ध्यान रखकर इस प्रभाव को कम किया जा सकता है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में पेट्रोल पर निर्भरता कम करने, कच्चे तेल के आयात में कमी लाने और प्रदूषण घटाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (Ethanol Blended Petrol) को तेजी से बढ़ावा दे रही है। वर्तमान में अधिकांश पेट्रोल पंपों पर 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन, कई वाहन मालिकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के लगातार इस्तेमाल से उनकी कार या बाइक का इंजन खराब हो सकता है। आइए जानते हैं इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल क्या है? क्या वाकई में इससे आपकी गाड़ी के इंजन को नुकसान पहुंच सकता है?

क्या होता है इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल?

इथेनॉल एक प्रकार का जैव ईंधन (बायोफ्यूल) है, जिसे मुख्य रूप से गन्ने के रस, शीरे (Molasses), मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। जब इसे पेट्रोल में निश्चित अनुपात में मिलाया जाता है तो उसे इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कहा जाता है। भारत में पहले E10 यानी 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाला पेट्रोल इस्तेमाल होता था, जबकि अब E20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

क्या इंजन को होता है नुकसान?

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार यदि वाहन E20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन किया गया है, तो इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से इंजन को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता। नई तकनीक से तैयार किए गए इंजन, फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम और ईंधन पाइपलाइन को इसी तरह के ईंधन को ध्यान में रखकर विकसित किया जाता है।

हालांकि, जिन पुराने वाहनों को केवल सामान्य पेट्रोल या E10 के लिए डिजाइन किया गया था, उनमें लंबे समय तक अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल का उपयोग कुछ समस्याएं पैदा कर सकता है। इनमें रबर सील और पाइपों का जल्दी घिसना, धातु के हिस्सों पर जंग लगने की संभावना, फ्यूल सिस्टम में नमी का प्रभाव और इंजन की कार्यक्षमता में हल्की कमी जैसी दिक्कतें शामिल हो सकती हैं।

माइलेज पर भी पड़ सकता है असर

इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में थोड़ी कम होती है। यही कारण है कि E20 पेट्रोल का उपयोग करने पर कुछ वाहनों में माइलेज 3 से 7 प्रतिशत तक कम हो सकता है। हालांकि यह अंतर वाहन की तकनीक, इंजन की स्थिति और ड्राइविंग स्टाइल पर भी निर्भर करता है। नई जनरेशन के इंजन इस प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

क्या सभी वाहन E20 के लिए तैयार हैं?

देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां पिछले कुछ वर्षों से E20 अनुकूल (E20 Compatible) वाहन बाजार में उतार रही हैं। यदि किसी वाहन के मैनुअल या निर्माता की ओर से E20 ईंधन की परमिशन दी गई है, तो ऐसे वाहन में इस पेट्रोल का उपयोग सुरक्षित माना जाता है। वहीं, यदि वाहन कई वर्ष पुराना है या निर्माता ने E20 की अनुमति नहीं दी है, तो वाहन मालिकों को पहले कंपनी की सलाह लेना चाहिए।

किन बातों का रखें ध्यान?

विशेषज्ञों के अनुसार, वाहन मालिकों को हमेशा अपनी गाड़ी के यूजर मैनुअल में दिए गए ईंधन संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए। समय-समय पर फ्यूल फिल्टर, पाइपलाइन और इंजन की सर्विस कराना चाहिए। यदि E20 के इस्तेमाल के बाद इंजन की परफॉर्मेंस में असामान्य बदलाव दिखाई दे, तो तुरंत अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच करानी चाहिए।

Created On :   27 Jun 2026 6:05 PM IST

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