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Bitcoin: बिटक्वॉइन ने बीते 5 सालों में निवेशकों को लखपति से करोड़पति बनाया, 9200 फीसदी का रिटर्न दिया

Bitcoin: बिटक्वॉइन ने बीते 5 सालों में निवेशकों को लखपति से करोड़पति बनाया, 9200 फीसदी का रिटर्न दिया

हाईलाइट

  • वर्चुअल करंसी बिटक्वॉइन ने बीते 5 सालों में निवेशकों को मालामाल किया
  • बिटक्वॉइन ने 5 सालों में करीब 9200 फीसदी रिटर्न दिया
  • एक लाख रुपये का निवेश 93 लाख रुपए में तब्दील

डिजिटल डेस्क, मुंबई। वर्चुअल करंसी बिटक्वॉइन ने बीते 5 सालों में निवेशकों को मालामाल कर दिया। इस दौरान बिटक्वॉइन ने करीब 9200 फीसदी रिटर्न दिया है। यानी अगर आपने बिटक्वॉइन में एक लाख रुपए का निवेश किया होता तो ये आज करीब 93 लाख रुपये बन चुके होते। पिछले महीने भी जिन निवेशकों ने एक लाख रुपये का निवेश किया होगा, वह आज आज की तारीख में 9 लाख रुपये के करीब बन चुका है। 

पांच साल पहले 7 जनवरी 2016 को एक बिट क्वाइन की कीमत 441.02 डॉलर (29.34 हजार रुपये, तत्कालीन डॉलर के भाव पर) थी। ये आज 11 जनवरी 2020 तक बढ़कर 31,698.36 डॉलर (23,36,040.38 रुपये) हो चुकी है। बता दें कि बिटकॉइन डीसेंट्रलाइज्ड करेंसी है। इसका मतलब ये है की इस करेंसी पर न तो किसी संस्था और न ही किसी गवर्मेंट का अधिकार है। संतोषी नाकामोटो ने इसकी शुरुआत 2009 में की थी। उस वक्त 1 बिटकॉइन की कीमत लगभग 0.003$ के आस पास थी। इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। 

भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अभी तक कोई निर्धारित गाइडलाइंस नहीं हैं। तीन साल पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 6 अप्रैल 2018 को क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक सर्कुलर जारी किया था। इस सर्कुलर के मुताबिक केंद्रीय बैंक द्वारा विनियमित संस्थाओं पर क्रिप्टोकरंसीज से जुड़ी कोई भी सेवा प्रदान करने पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद यह मामला देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में गया। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मार्च 2020 में आरबीआई द्वारा क्रिप्टोकरंसीज पर लगाए गए प्रतिबंध को खारिज कर दिया।

इंडिया में आप जेबपे (zebpay.com) और यूनोकॉइन (unocoin.com) जैसे प्लेटफॉर्म्स की मदद से बिटकॉइन खरीद और बेच सकते हैं। बिटकॉइन खरीदने के लिए अकाउंट ओपनिंग के जरुरी डाक्यूमेंट्स की बात करें तो आपके पास वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक अकाउंट डेटेल्स होनी चाहिए।

वहीं बिटकॉइन के उपयोग की बात की जाए तो आप इसकी मदद से ऑनलाइन खरीदारी कर सकते हैं। पेपाल ने भी अब अपने प्लेटफॉर्म पर बिटक्वॉइन के जरिए लेन-देन को मंजूरी दे दी है। यानी कि पेपाल के जरिए किसी भी प्रकार के ट्रांजैक्शन के लिए बिट क्वाइन में भुगतान किया जा सकता है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।