दैनिक भास्कर हिंदी: अब घर और कार खरीदने के लिए लोन लेना पड़ेगा महंगा !

January 19th, 2018


डिजिटल डेस्क । घर और कार का सपने देखने वालों के लिए बुरी खबर हैं। आने वाले महिनों में होम लोन और काम लोन महंगा होने वाला है। लोन महंगा होने की वजह बैंक रेट बढ़ना है। गौरतलब है कि बैंक रेट बढ़ने की शुरुआत हो चुकी एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसिंड बैंक और यस बैंक जैसे प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने जनवरी से अपना बेंचमार्क मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) 5 से 10 बेसिस पॉइंट बढ़ाया है। एक बेसिस पॉइंट 0.01 पर्सेंट पॉइंट होता है। 

इससे पहले बैंकों ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट अप्रैल 2016 में बढ़ाया था। हाल ही में मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट बढ़ाने का मुख्य कारण बैंको की डिपोजिस्ट के भुगतान को बढ़ाना है। इससे शॉर्ट-टर्म के रेट्स में तेजी रहने की संभवना है।

कोटक महिंद्रा बैंक के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक गुप्ता ने बताया, 'सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CD) रेट्स सभी अवधियों के लिए 50 बेसिस पॉइंट तक बढ़े हैं। RBI ने पहले ही रेट्स में और गिरावट न आने का संकेत दिया है और ऐसा लगता है कि बैंक लेंडिंग रेट्स के भी यहां से नीचे जाने की संभावना कम है।' कोटक महिंद्रा बैंक ने सभी अवधियों के लिए रेट 5-10 बेसिस पॉइंट बढ़ाए हैं। 

बैंकों के पास MCLR के तहत सात विभिन्न अवधियां- ओवरनाइट, एक महीना, तीन महीने, छह महीने, एक साल , दो साल और तीन साल हैं। MCLR से लिंक्ड सभी लोन के लिए रेट अब बढ़ जाएंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने छह दिसंबर को मॉनेटीर पॉलिसी कमिटी को छह फीसदी रखने का फैसला लिया था। ये फैसला महंगाई के बढ़ने पर लिया गया था, क्योंकि इस फैसले से मंहगाई सात महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। साथ ही गवर्नमेंट बॉन्ड की यील्ड में भी तेजी आई थी। मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट के बारे में इंडसइंड बैंक के ट्रेजरी हेड अरुण खुराना का कहना है कि , 'हमारे डिपॉजिट रेट बढ़ गए हैं और इसी वजह से हमें लेंडिंग रेट में बदलाव करना पड़ा है।'

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पहली बार घर खरीदने वालों को मिलेगी छूट

सरकार को आवासीय क्षेत्र में मांग बढ़ाने के लिए पहली बार घर खरीदने वालों को मिलने वाली कर छूट को आगामी बजट में दोगुना कर एक लाख रुपए कर दिया जाना चाहिए। संपत्ति क्षेत्र की प्रमुख सलाहकार कंपनी जेएलएल इंडिया ने यह सुझाव दिया है। कंपनी ने यह भी सलाह दी है कि राज्यों को भी रीयल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रेइट्स) के लिये स्टांप ड्यूटी से छूट देने के लिए कहा जाना चाहिए। ऐसा कदम उठाने से रेइट्स को कारोबार बढ़ाने में आसानी होगी।

जेएलएल ने कहा है कि की पहली बार अपना मकान खरीदने वालों को दी जाने वाली 50,000 रुपए की अतिरिक्त कर छूट को आगामी बजट में बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दिया जाना चाहिए। आयकर अधिनियम की धारा 80ईई के तहत यह छूट दी जाती है। जेएलएल इंडिया के सीईओ और भारत प्रमुख रमेश नायर ने एक रिपोर्ट में कहा है, 'इस सुविधा को बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दिया जाना चाहिए। इससे पहली बार घर खरीदने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। यह कटौती आयकर की धारा 24 के तहत दी जाने वाली दो लाख रुपए की कुल कटौती के अतिरिक्त होगी।'