फायदा : कैबिनेट ने 2022-23 सीजन के लिए कच्चे जूट के एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी दी

March 22nd, 2022

हाईलाइट

  • यह मंजूरी कृषि लागत और मूल्य आयोग की सिफारिशों पर आधारित है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने मंगलवार को 2022-23 सीजन के लिए कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दी।

यह मंजूरी कृषि लागत और मूल्य आयोग की सिफारिशों पर आधारित है। कच्चे जूट के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को 4,750 रुपये प्रति क्विंटल पर मंजूरी दे दी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 250 रुपये अधिक है।

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है, 2022-23 सीजन के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4750 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यह उत्पादन की अखिल भारतीय भारित औसत लागत पर 60.53 प्रतिशत का फायदा सुनिश्चित करेगा।

2022-23 सीजन के लिए कच्चे जूट का घोषित एमएसपी बजट 2018-19 में सरकार द्वारा घोषित उत्पादन की अखिल भारतीय भारित औसत लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर एमएसपी तय करने के सिद्धांत के अनुरूप है।

यह लाभ के रूप में न्यूनतम 50 प्रतिशत का आश्वासन देता है। यह जूट उत्पादकों को बेहतर पारिश्रमिक का लाभ सुनिश्चित करने और गुणवत्ता वाले जूट फाइबर को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण और प्रगतिशील कदमों में से एक है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय जूट निगम (जेसीआई) मूल्य समर्थन को लेकर केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी के रूप में अपना काम जारी रखेगा और इस तरह के संचालन में किसी प्रकार का नुकसान होने पर केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह उसकी प्रतिपूर्ति की जाएगी।

(आईएएनएस)