दैनिक भास्कर हिंदी: अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची विकास दर

September 1st, 2018

हाईलाइट

  • वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ 8.2 फीसदी दर्ज की गई है।
  • जीडीपी का यह 2 साल का उच्चतम स्तर है।
  • 2017-18 की चौथी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मैन्युफैक्चरिंग और फार्म सेक्टर के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) ग्रोथ 8.2 फीसदी दर्ज की गई है। जीडीपी का यह 2 साल का उच्चतम स्तर है। सरकार की ओर से शुक्रवार को जीडीपी के ये आंकड़े जारी किए गए हैं। जीडीपी के ये आंकड़े अर्थशास्त्रियों के अनुमानों से भी बेहतर हैं, जिनमें से अधिकांश ने जीडीपी के 7.4 से 7.6 फीसदी तक रहने का अनुमान जताया था। बता दें कि साल 2017-18 की पहली तिमाही में जीडीपी 5.7 फीसदी रही थी वहीं चौथी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत थी।

सेंट्रल स्टेटिस्टिक्स ऑफिस (CSO) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 2018-19 की पहली तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 9.1 फीसदी बढ़कर 13.5 फीसदी हो गई। कृषि क्षेत्र की ग्रोथ 4.5 फीसदी से बढ़कर 5.3 फीसदी रही है। वहीं कंस्ट्रक्शन ग्रोथ 11.5 फीसदी से घटकर 8.7 फीसदी रही है। जारी आंकड़ों के अनुसार, इलेक्ट्रिसिटी ग्रोथ 7.7 फीसदी से घटकर 7.3 फीसदी, माइनिंग ग्रोथ 2.7 फीसद से घटकर 0.1 फीसदी और ट्रेड ट्रांसपोर्ट ग्रोथ 6.8 फीसदी से घटकर 6.7 फीसदी रही है।

2011-12 की स्थिर कीमतों के आधार पर 2018-19 की पहली तिमाही में देश की आनुमानित जीडीपी 33.74 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो पिछले साल की पहली तिमाही में 31.18 लाख करोड़ रुपये थी। इस तरह 8.2 प्रतिशत की ग्रोथ रेट दर्ज हुई है। बता दें कि सरकार ने 2015 में जीडीपी गणना के लिए बेस इयर को 2004-05 से बदलकर 2011-12 कर दिया था।

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था चीन की जून तिमाही की जीडीपी ग्रोथ 6.7 फीसदी रिकॉर्ड की गई है, जबकि मार्च तिमाही का यह आंकड़ा 6.8 प्रतिशत था। भारत की 2.6 लाख करोड़ डॉलर वाली अर्थव्‍यवस्‍था ने 2017 में फ्रांस को पीछे छोड़कर दुनिया की छठवीं सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था का दर्जा हासिल किया था। वर्ल्‍ड बैंक के मुताबिक अगले साल तक यह यूके को पीछे छोड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था वाला देश बन जाएगा।

डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (DEA) सेक्रेटरी सुभाष सी गर्ग ने कहा, इकोनॉमिक परफॉर्मेंस दोबारा काफी कुछ सामान्य हो गया है। 2016-17 के पहले क्वॉर्टर में जीडीपी 8% से ज्यादा थी। अब 8 क्वॉर्टर के बाद जीडीपी 8.2% हो गई है। 8.1% से हम 8.2% पर आ गए हैं जो आर्थिक विकास के लिए अच्छे संकेत है।