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Real Estate: गोवा में जमीन खरीदना हुआ महंगा, सरकार ने बेस लैंड रेट में संशोधन किया

Real Estate: गोवा में जमीन खरीदना हुआ महंगा, सरकार ने बेस लैंड रेट में संशोधन किया

हाईलाइट

  • राजस्व विभाग ने गोवा में मिनिमम लैंड रेट को संशोधित किया
  • लैंड रेट्स में यह संशोधन पांच साल से अधिक समय के बाद किया गया

डिजिटल डेस्क, पणजी। राजस्व विभाग ने गोवा में मिनिमम लैंड रेट को संशोधित किया है। नई कीमतें, जो कि 100 रुपये से 1,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर के दायरे में हैं, 17 अगस्त से लागू होंगी और 31 मार्च, 2021 तक लागू रहेंगी। लैंड रेट्स में यह संशोधन पांच साल से अधिक समय के बाद किया गया है। इससे पहले सरकार ने एक बार और लैंड रेट को बढ़ाने की कोशिश की थी लेकिन उस वक्त ये नहीं हो सका था।

प्रस्तावित बढ़ोतरी, वास्तविक लैंड रेट से बहुत कम
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भूमि की कीमत में प्रस्तावित बढ़ोतरी न्यूनतम और राज्य के विभिन्न हिस्सों में वास्तविक भूमि दर से बहुत कम है। ज़मीन की नई दरें S1 ज़ोन और 1,000sqm तक के क्षेत्र पर लागू होंगी। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 2016-17 में, तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने वास्तविक दर के आधार पर बेस लैंड रेट को बढ़ाने की कोशिश की थी। लेकिन बिल्डरों की लॉबी ने इस कदम को नाकाम कर दिया था। उन्होंने बताया कि एक पूर्व राजस्व मंत्री भी बेस लैंड रेट को बढ़ाने के पक्ष में नहीं थे क्योंकि इससे सरकार की ओर से चार्ज की जाने वाली फीस में बढ़ोतरी हो जाती।


सोर्स-टाइम्स ऑफ इंडिया

तालुका के क्षेत्र तीन भागों को वर्गीकृत
तालुका के भीतर के क्षेत्रों को शहरी, विकासशील, ग्रामीण और तटीय के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
विकासशील और ग्रामीण श्रेणी के क्षेत्रों के लिए, बेस लैंड रेट में प्रस्तावित वृद्धि 100 रुपये से 200 रुपये प्रति वर्गमीटर के बीच है। अधिकारी ने कहा कि पेरनेम तालुका में मोपा में, जहां अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बन रहा है, मौजूदा बेस रेट 500 रुपये प्रति वर्गमीटर है, जबकि नया प्रस्तावित बेस रेट 600 रुपये वर्गमीटर है।

इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट से जमीन के दामों में बढ़ोतरी
हालांकि, जब से इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की परियोजना ने आकार लिया, तब से इन जमीनों की दर में वृद्धि हुई है, जबकि अधिकांश हिस्सों का अधिग्रहण सरकार ने किया है। कुछ ने अपनी जमीन 5,000 रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से बेची है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी स्थिति अलग नहीं है। उदाहरण के लिए, पणजी में कुछ वार्डों में, प्रस्तावित दर 6,000 रुपये है जब वास्तव में कीमत बहुत अधिक है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।