दैनिक भास्कर हिंदी: सरकारी अधिकारियों का रिकॉर्ड बिजली बिल भरने में बेहतर नहीं : ऊर्जा मंत्री

October 29th, 2019

हाईलाइट

  • ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि राज्य में नेताओं और सरकारी अधिकारियों का रिकॉर्ड भी बिजली बिल भरने में बेहतर नहीं
  • इसे ध्यान में रखते हुए नेताओं और अधिकारियों के सरकारी आवास पर प्रीपेड मीटर लगाने का फैसला किया गया है

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री एवं सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि राज्य में नेताओं और सरकारी अधिकारियों का रिकॉर्ड भी बिजली बिल भरने में बेहतर नहीं है। श्रीकांत शर्मा ने मंगलवार को यहां जारी एक बयान में कहा, प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और नेताओं का बिजली बिल भरने में रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए नेताओं और अधिकारियों के सरकारी आवास पर प्रीपेड मीटर लगाने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा, एक लाख प्रीपेड मीटर के ऑर्डर दे दिए गए हैं। जैसे-जैसे ये मीटर आते जाएंगे, सरकारी आवासों में लगते जाएंगे। सभी प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भी अपने यहां प्रीपेड मीटर लगाने की अपील की जाएगी।

ऊर्जा मंत्री ने कहा, उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों और आधिकारिक आवासों पर करीब 13,000 करोड़ रुपये का बिजली बिल का बकाया है। इसकी वसूली के लिए राज्य सरकार ने किस्तों में भुगतान का विकल्प दिया है। उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी रोकने के लिए पांचों डिस्कम के तहत 75 थाने खोले जा रहे हैं। इसके लिए सरकार ने 2,050 पदों का सृजन किया है। अब तक 68 थाने खुल चुके हैं। इनमें तैनात पुलिसकर्मियों के लिए वेतन और दूसरे खचोर्ं का भार पावर कॉरपोरेशन उठाएगा।

इन थानों के लिए 75 निरीक्षक, 375 उपनिरीक्षक, 675 मुख्य आरक्षी, 150 मुख्य आरक्षी कंसोल ऑपरेटर और 675 सिपाहियों के पद मंजूर किए गए हैं। इन थानों में तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों का काम जिले के हर इलाके में बिजली चोरी रोकना है।