दैनिक भास्कर हिंदी: PNB Fraud: नीरव मोदी की पत्नी के खिलाफ इंटरपोल ने जारी किया अरेस्ट वॉरेंट, गिरफ्तारी के बाद शुरू की जा सकेगी प्रत्यर्पण की कार्यवाही

August 26th, 2020

हाईलाइट

  • नीरव मोदी की पत्नी के खिलाफ इंटरपोल का अरेस्ट वॉरेंट
  • प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर यह रेड नोटिस जारी किया गया
  • गिरफ्तारी के बाद प्रत्यर्पण या डिपोर्टेशन की कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पंजाब नेशनल बैंक में 13,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले के आरोपी नीरव मोदी की पत्नी अमी मोदी के खिलाफ इंटरपोल ने अरेस्ट वॉरेंट जारी किया है। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर यह रेड नोटिस जारी किया गया है। इस तरह का नोटिस जारी किए जाने के बाद अब इंटरपोल के 192 मेंबर देशों में दिखाई देने पर अमी मोदी को गिरफ्तार या हिरासत में लिया जा सकता है। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ प्रत्यर्पण या डिपोर्टेशन की कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है।

2018 में अमी मोदी ने छोड़ दिया था देश
2018 में कथित बैंक धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद अमी मोदी ने देश छोड़ दिया था। ईडी ने अमी मोदी पर उनके रिश्तेदार मेहुल चोकसी और अन्य लोगों के अलावा उनके पति नीरव मोदी के साथ मिलकर साजिश रचने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं। नीरव मोदी (49), मार्च 2019 में लंदन में गिरफ्तार होने के बाद वर्तमान में ब्रिटेन की जेल में बंद है। नीरव मोदी को इस साल की शुरुआत में मुंबई की एक अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था और अदालत ने उसकी संपत्ति को जब्त करने का भी आदेश दिया था। ED अब तक उसकी 329 करोड़ रुपए की संपत्ति को जब्त कर चुका है।

नीरव के भाई-बहन के खिलाफ भी इंटरपोल का नोटिस
बता दें कि इसी तरह के इंटरपोल नोटिस नीरव मोदी के छोटे भाई नेहाल मोदी और बहन पूर्वा मोदी के खिलाफ भी जारी किए जा चुके हैं। मालूम हो कि मुंबई में PNB की ब्रैडी हाउस ब्रांच में नीरव मोदी और उसके रिश्तेदारों ने मिलकर 13,000 करोड़ से ज्यादा के घोटाले को अंजाम दिया था। इसके बाद नीरव मोदी समेत घोटाले में लिप्त अन्य रिश्तेदार देश छोड़कर चले गए थे। बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स के जरिए कई सालों तक लोन लेकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया था। जनवरी 2018 में घोटाले का खुलासा हुआ था।