अधिग्रहण: सबवे इंडिया को खरीदने की प्रक्रिया में मुकेश अंबानी का रिलायंस समूह 

October 12th, 2021

हाईलाइट

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज देश भर में 600 सबवे स्टोर्स का नेटवर्क हासिल कर सकता हैं
  • लायंस रिटेल सबवे इंडिया पर लगभग $200m - $250m के लिए मताधिकार का अधिग्रहण कर सकता है

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी, रिलायंस रिटेल, कथित तौर पर अमेरिकी फास्ट-फूड रेस्तरां कंपनी सबवे के साथ भारत में अपनी फ्रेंचाइजी हासिल करने के लिए बातचीत कर रही है। रिलायंस आए दिन नए क्षेत्रों में बड़ी कम्पनियों को खरीद रही है और आक्रामक रूप से अधिग्रहण और निवेश के माध्यम से अपनी स्थिति का विस्तार कर रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हाल ही में Just Dial और Zivame जैसी कंपिनयों को खरीदा है। अब खबरें आ रही हैं कि रिलायंस समूह सबवे इंडिया (SUBWAY) को खरीदने के लिए तैयार है।

द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार अगर बातचीत सफल होती है तो रिलायंस इंडस्ट्रीज देश भर में 600 सबवे स्टोर्स का नेटवर्क हासिल कर लेगी। रिलायंस-सबवे की साझेदारी बाजार में मौजूद प्रतिस्पर्धा को तेज करेगा जिसमें डोमिनोज पिज्जा, पिज्जा हट, बर्गर किंग, स्टारबक्स आदि खिलाड़ी भी शामिल हैं। सबवे डील यदि सफल होती है तो पहले से ही प्रतिस्पर्धी बाजार में एक और बड़ा खिलाड़ी आ जाएगा और रिलायंस इंडस्ट्रीज के सहयोग से सबवे इंडिया (SUBWAY) का भविष्य अलग दिख सकता है।

खबरों की माने तो मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल सबवे इंडिया की फ्रैंचाइजी पर लगभग $200m - $250m के लिए मताधिकार का अधिग्रहण कर सकता है यदि ऐसा होता है तो यह कदम रिलायंस समूह के खाद्य और पेय क्षेत्र, विशेष रूप से त्वरित-सेवा रेस्तरां (Quick Response Restaurant) में इस कम्पनी के मजबूत प्रवेश को सुनिश्चित करेगा। ।

आपको बात दें कि देश में दो दशकों के बावजूद, सबवे, केएफसी, डोमिनोज और मैकडॉनल्ड्स जैसी त्वरित सेवा फ्रेंचाइजी की तुलना में बाजार में अपनी पहचान नहीं बना पाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले दिनों सबवे ने अपने 12 फीसदी आउटलेट बंद कर दिए हैं। 


 छोटे वेंडर्स को कैसे होगा फायदा?

सबवे स्टोर में अलग-अलग फ्रैंचाइजी आउटलेट मालिकों के माध्यम से काम किया जाता है। इसको इस तरह समझिए कि आप के नजदीकी सबवे स्टोर में सिर्फ बर्गर वगैरह या फास्ट फूड नहीं मिलेगा, इसके साथ वो भी खाद्य पदार्थ भी मिलेंगे जो इलाके में चर्चित हों। इससे भारत में दरकिनार कर दिए जाने वाले छोटे व्यवसायों को भारी फायदा होगा।


रिलायंस इंडस्ट्रीज धीरे-धीरे कर रहा है विस्तार 

रिलायंस रिटेल के हालिया विस्तार में किराना, ई-फार्मेसी, भुगतान से लेकर फैशन और फर्नीचर तक कई क्षेत्र शामिल हैं। त्वरित सेवा रेस्तरां भी अब उसका अगला लक्ष्य है।