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खुदरा महंगाई दर पहुंची 15 महीनों के उच्चतम स्तर पर, बढ़कर हुई 4.62%

खुदरा महंगाई दर पहुंची 15 महीनों के उच्चतम स्तर पर, बढ़कर हुई 4.62%

हाईलाइट

  • खुदरा महंगाई दर के अक्टूबर माह के आंकड़े बुधवार को जारी किए गए
  • सब्जियों के दामों में हुई बढ़ोतरी के चलते महंगाई दर 15 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है
  • CPI आधारित महंगाई दर अक्टूबर 2019 में बढ़कर 4.62% हो गई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। खुदरा महंगाई दर के अक्टूबर माह के आंकड़े बुधवार को जारी किए गए। सब्जियों के दामों में हुई बढ़ोतरी के चलते महंगाई दर 15 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर अक्टूबर 2019 में बढ़कर 4.62% हो गई। सितंबर महीने में यह 3.99 प्रतिशत थी। सेंट्रल स्टेटस्टिक्स ऑफिस ने ये आंकड़े जारी किए हैं। खुदरा महंगाई दर अब आरबीआई के 4% के लक्ष्य के दायरे से बाहर चली गई है।

बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक कंज्यूमर फूड प्राइज इंडेक्स सितंबर के 5.11% के मुकाबले बढ़कर 7.89% पर पहुंच गया है। सब्जियों की महंगाई दर 15.40% से बढ़कर 26% हो गई। दालों की महंगाई दर 8.40% के मुकाबले बढ़कर 11.72% हो गई। अनाज की महंगाई दर सितंबर के 1.66% के मुकाबले बढ़कर 2.16% पर पहुंच गई है।

ईंधन और बिजली की महंगाई दर सितंबर के -2.18% के मुकाबले बढ़कर -2.02% हो गई। सितंबर के 0.96% की तुलना में सितंबर में कपड़ों और जूतों की महंगाई दर बढ़कर 0.96% हो गई। जबकि हाउसिंग इंफ्लेशन सितंबर में 4.75% था जो अक्टूबर में घटकर 4.58% पर पहुंच गया।

सरकार ने खुदरा महंगाई पर काबू पाने के लिए एक मीडियम टर्म इनफ्लेशन टारगेट तय किया है। इसके तहत मार्च 2021 तक महंगाई दर की ग्रोथ को 4 फीसदी बनाए रखने की कोशिश की जाएगी। हालांकि अब महंगाई दर आरबीआई के टारगेट को पार कर गई है।

क्या होता है CPI इंडेक्स?
CPI यानि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक। यह रिटेल महंगाई का इंडेक्स है। रिटेल महंगाई वह दर है, जो जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। यह खुदरा कीमतों के आधार पर तय की जाती है। भारत में खुदरा महंगाई दर में खाद्य पदार्थों की हिस्सेदारी की करीब 45% है। दुनिया भर में ज्यादातर देशों में खुदरा महंगाई के आधार पर ही मौद्रिक नीतियां बनाई जाती हैं।

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