रूस-यूक्रेन युद्ध : प्रतिबंधों के बावजूद कंगाल होने से बच जाएगा रूस!, विदेशों में रखा है इतना सोना और रूसी 'रुपया'

March 2nd, 2022

हाईलाइट

  • रूस इस समय दुनिया कि 11वीं सबसे बड़ी इकॉनमी है
  • रूस की जीडीपी को 1.5% का झटका लग सकता है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूक्रेन पर हमले के चलते दुनिया भर की आलोचना झेल रहे रूस पर अब आर्थिक संकट का खतरा भी मंडराने लगा है। अमेरिका सहित यूरोपियन देश और उनके सहयोगियों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। इसी बीच रूस के 630 अरब डॉलर के फोरेक्स रिजर्व को फ्रीज करने की खबर ने देश में हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में ATMs के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। ऐसा माना जा रहा है कि रूबल (Ruble) की कीमत में भारी गिरावट आ सकती है।

रूस इस समय दुनिया कि 11वीं सबसे बड़ी इकॉनमी है लेकिन प्रतिबंधों की वजह से रूस की जीडीपी को 1.5% का झटका लग सकता है। हालांकि, रूस का फॉरेक्स और गोल्ड रिजर्व अपने क्षेत्र के अलावा 10 अन्य जगहों पर जमा है। पिछले 8 सालों में रूस ने कुछ बाहरी देशों में जमा अपने रिजर्व को घटाया है, वहीं कुछ देशों में इसे बहुत ज्यादा बढ़ाया है। 

आइये जानते है किस देश में रूस का कितना फॉरेक्स रिजर्व है- 

कनाडा: कनाडा में रूस ने अपने फॉरेक्स और गोल्ड रिजर्व का 3 फीसदी हिस्सा जमा कर रखा है

ऑस्ट्रिया: जून 2021 से ऑस्ट्रिया में रूस का 3 फीसदी हिस्सा जमा है।

ब्रिटेन: दिसंबर 2013 तक ब्रिटेन में रूस ने अपने फॉरेक्स और गोल्ड रिजर्व का 9 फीसदी हिस्सा जमा कर रखा था, लेकिन जून 2021 के बाद से यह आंकड़ा घटकर 5 फीसदी पर सिमट गया। 

अमेरिका: दिसंबर 2013 तक अमेरिका में रूस के फॉरेक्स और गोल्ड रिजर्व का 28 फीसदी हिस्सा जमा था, लेकिन जून 2021 तक यह आंकड़ा घटकर 7 फीसदी रह गया।

जर्मनी: जर्मनी में जून 2021 तक रूस के फॉरेक्स और गोल्ड रिजर्व का 10 फीसदी हिस्सा जमा है, जबकि दिसंबर 2013 तक यह आंकड़ा 17 फीसदी था।

जापान: दिसंबर 2013 तक जापान में रूस के फॉरेक्स और गोल्ड रिजर्व का केवल 1 फीसदी जमा था, लेकिन जून 2021 के दौरान इसमें बढ़ोतरी देखने को मिली, यह आंकड़ा अब बढ़कर 10 फीसदी हो गया।

फ्रांस: दिसंबर 2013 के मुकाबले फ्रांस में रूस के फॉरेक्स और गोल्ड रिजर्व का 29 फीसदी हिस्सा, जून 2021 तक घटकर 12 फीसदी पर आ गया।

चीन: इस युद्ध में खुलकर रूस का समर्थन कर रहा चीन में रूस ने अपने फॉरेक्स और गोल्ड रिजर्व जमा में 8 सालों के अंदर बहुत वृद्धि की है। दिसंबर 2013 में जहां यह शून्य था, वहीं जून 2021 तक यह आंकड़ा 14 फीसदी पर पहुंच गया।

इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशंस: रूस ने इनमें अपने फॉरेक्स और गोल्ड रिजर्व का हिस्सा बढ़ाया है। दिसंबर 2013 तक जहां रूस ने फॉरेक्स और गोल्ड रिजर्व का 2 फीसदी जमा कर रखा था, वहीं जून 2021 तक यह बढ़कर 5 फीसदी हो गया।

अन्य देश: इन देशों के अलावा भी कुछ अन्य जगहों पर रूस का फॉरेक्स और गोल्ड रिजर्व जमा है। दिसंबर 2013 तक यह आंकड़ा 3 फीसदी पर था लेकिन जून 2021 तक यह बढ़कर 11 फीसदी पर पहुंच गई है।

अपने यहां कितना रिजर्व 

दिसंबर 2013 से लेकर जून 2021 तक रूस ने अपने यहां भी अच्छी बढ़ोतरी की है। दिसंबर 2013 तक जहां रूस में इसके गोल्ड रिजर्व महज 9 फीसदी पर था, वहीं जून 2021 तक यह आंकड़ा बढ़कर 22 फीसदी पर पहुंच गया।

क्या होता है फॉरेक्स रिजर्व?

Forex reserves (विदेशी मुद्रा भंडार) या foreign exchange reserves (फॉरेक्स रिजर्व) ऐसी परिसंपत्तियां (Assets) हैं, जो किसी देश के केंद्रीय बैंक या मौद्रिक प्राधिकरण (monetary authority) के पास होती हैं। इसका उपयोग अपनी देनदारियों (liabilities) को वापस करने के लिए किया जाता है - जैसे कि जारी की गई देशी मुंद्रा और वित्तीय संस्थानों या सरकार द्वारा केंद्रीय बैंक के पास जमा किए गए भंडार। इसमें आमतौर पर यूएस डॉलर और कुछ हद तक यूरो, जापानी येन और पाउंड स्टर्लिंग रिजर्व रहते है।

Forex रिजर्व में केवल विदेशी बैंकनोट, विदेशी बैंक जमा, विदेशी ट्रेजरी बिल और शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म विदेशी सरकारी प्रतिभूतियां शामिल होनी चाहिए। हालांकि, सोने के भंडार, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर), और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा राशि भी विदेशी मुद्रा भंडार का हिस्सा होता है।