comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

खरीफ फसलों की बुवाई 1095 लाख हेक्टेयर के पार

September 05th, 2020 01:30 IST
 खरीफ फसलों की बुवाई 1095 लाख हेक्टेयर के पार

हाईलाइट

  • खरीफ फसलों की बुवाई 1095 लाख हेक्टेयर के पार

नई दिल्ली, 4 सितम्बर (आईएएनएस)। देशभर में चालू मानसून सीजन में अच्छी बारिश होने से खरीफ फसलों की बुवाई का आंकड़ा फिर एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। देशभर में चालू खरीफ सीजन में रिकॉर्ड 1095.38 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है जबकि बुवाई का अंतिम आंकड़ा आना अभी बाकी है।

पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इस साल खरीफ फसलों का रकबा 6.32 फीसदी ज्यादा हो चुका है।

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत सरकार द्वारा बीज, कीटनाशक, उर्वरक, मशीनरी और ऋण जैसी लागत सामग्री की समय पर उपलब्धता से महामारी के कारण लॉकडाउन की स्थिति के बावजूद रिकॉर्ड बुवाई संभव हो पाई है।

धान की बुवाई 396.18 लाख हेक्टेयर में की गई है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 365.92 लाख हेक्टेयर में बुवाई की गई थी। इस प्रकार बुवाई क्षेत्र में 8.27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

दलहनों की बुवाई 136.79 लाख हेक्टेयर में की गई है, जबकि पिछले वर्ष 130.68 लाख हेक्टेयर में बुवाई की गई थी।

इस प्रकार, दलहनों का रकबा पिछले साल 4.67 फीसदी बढ़ा है। मोटे अनाजों की बुवाई 179.36 लाख हेक्टेयर में की गई है, जबकि पिछले वर्ष 176.25 लाख हेक्टेयर में बुवाई की गई थी।

तिलहनों की बुवाई 194.75 लाख हेक्टेयर में की गई है, जबकि पिछले वर्ष 174.00 लाख हेक्टेयर में बुवाई की गई थी। इस प्रकार तिलहनों रकबे में 11.93 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

गóो की बुवाई 52.38 लाख हेक्टेयर में की गई है, जबकि पिछले वर्ष 51.71 लाख हेक्टेयर में बुवाई की गई थी।

कपास की बुवाई 128.95 लाख हेक्टेयर में की गई है, जबकि पिछले वर्ष 124.90 लाख हेक्टेयर में बुवाई की गई थी। कपास का रकबा पिछले साल से 3.24 फीसदी बढ़ा है। जूट और मेस्टा की बुवाई 6.97 लाख हेक्टेयर में की गई है, जबकि पिछले वर्ष 6.86 लाख हेक्टेयर में बुवाई की गई थी।

पीएमजे/जेएनएस

कमेंट करें
uWmx7
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।