- Home
- /
- राज्य
- /
- मध्य प्रदेश
- /
- आगर मालवा
- /
- मां बगलामुखी मंदिर में करोड़ों के...
Baglamukhi Temple Donation Scam: मां बगलामुखी मंदिर में करोड़ों के दान में गड़बड़ी के आरोप, कलेक्टर ने गठित की जांच समिति

आगर मालवा। अयोध्या राम मंदिर में दान से जुड़े विवाद के बीच अब मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी शक्तिपीठ में भी दान और चढ़ावे के कथित गबन का मामला सामने आया है। मंदिर परिसर में एक निजी संस्था द्वारा कथित तौर पर बिना प्रशासनिक अनुमति के दान संग्रह करने और उसे निजी बैंक खाते में जमा कराने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत मिलने के बाद आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर सात दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
बिना अनुमति चल रही थी दान और पूजा की समानांतर व्यवस्था
शिकायत के अनुसार वर्ष 2024 से मंदिर परिसर में एक गैर-सरकारी संस्था कथित रूप से बिना किसी अधिकृत अनुमति के यज्ञ-हवन, पूजा-पाठ और दान संग्रह की अलग व्यवस्था संचालित कर रही थी। आरोप है कि संस्था अपनी रसीदें जारी कर श्रद्धालुओं से नकद राशि के साथ-साथ सोना-चांदी के आभूषण भी एकत्रित कर रही थी। इन रसीदों पर एक निजी बैंक खाते और मोबाइल नंबर भी अंकित थे, जिनके माध्यम से दान राशि जमा कराई जा रही थी।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव ने बताया कि मंदिर में दान संग्रह को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। प्रथम दृष्टया सामने आए तथ्यों को देखते हुए मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति को मंदिर परिसर का निरीक्षण, दान संग्रह की पूरी प्रक्रिया की जांच, नकद एवं सोना-चांदी के रिकॉर्ड का सत्यापन तथा संबंधित बैंक खातों की जांच कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
आधिकारिक मंदिर समिति के अधीन है प्रबंधन
वर्तमान में मां बगलामुखी मंदिर का संचालन जिला प्रशासन के अधीन गठित अधिकृत प्रबंधन समिति द्वारा किया जाता है, जिसकी अध्यक्षता नलखेड़ा के एसडीएम करते हैं। प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार किसी भी निजी संस्था को मंदिर परिसर में स्वतंत्र रूप से दान, चढ़ावा या आभूषण संग्रह करने की अनुमति नहीं है। ऐसे में शिकायत में लगाए गए आरोपों को गंभीर माना जा रहा है।
दान की राशि और आभूषणों का नहीं है स्पष्ट रिकॉर्ड
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पिछले दो वर्षों के दौरान संस्था ने बड़ी मात्रा में नकद राशि और सोना-चांदी के आभूषण एकत्र किए, लेकिन उसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसी कारण यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि कुल कितनी राशि या आभूषण एकत्रित किए गए और उनका उपयोग किस प्रकार हुआ। फिलहाल इन आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
इन अधिकारियों को सौंपी गई जांच
जांच समिति में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) बी.एस. सोलंकी को अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी तथा नलखेड़ा नगर परिषद की मुख्य नगर पालिका अधिकारी मिनी अग्रवाल सदस्य के रूप में शामिल हैं। समिति को दान संग्रह, वित्तीय लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर अपनी अनुशंसाओं सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु
आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी शक्तिपीठ मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर तंत्र साधना और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। यहां प्रतिवर्ष देशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि चुनावी दौर में कई राजनीतिक हस्तियां भी विशेष पूजा-अर्चना के लिए यहां आती रही हैं।
नोट: फिलहाल दान में कथित गड़बड़ी और गबन के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की सत्यता जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
Created On :   8 July 2026 2:27 PM IST
