New Delhi News: विधानमंडलों और संसद में चर्चा - संवाद में कमी चिंता का विषय - बिरला

विधानमंडलों और संसद में चर्चा - संवाद में कमी चिंता का विषय - बिरला
  • विधानमंडलों और संसद में चर्चा - संवाद में कमी चिंता का विषय
  • विधायी समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण
  • जातिवाद खत्म करने के लिए भी चलाना होगा अभियान : हरिवंश

New Delhi News. अजीत कुमार, भुवनेश्वर। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राज्य विधानमंडलों और संसद में चर्चा-संवाद के गिरते स्तर पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य विधानमंडल और संसद चर्चा और संवाद का महत्वपूर्ण मंच हैं, लेकिन हंगामे और गतिरोध की वजह से चर्चा और संवाद में कमी आई है। ऐसे में विधायी समितियों की भूमिका अति महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि विधायी समितियों की यह विशेषता है कि ये दलगत राजनीति से ऊपर होती हैं। इनमें हमारा कार्यक्रम और दृष्टिकोण साझा होता है। बिरला ने ये उद्गार शुक्रवार को भुवनेश्वर में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के कल्याण संबंधी संसद व राज्य विधानमंडलों की समितियों के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए । देशभर से आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज राज्य विधानमंडलों और संसद में चर्चा, संवाद, भाषा, मर्यादा के कम होते स्तर से हम चिंतित हैं। बिरला ने आह्वान किया कि इस दो दिवसीय सम्मेलन में हम समाज के वंचित जन को सामाजिक-आर्थिक-प्रशासनिक ताकत देने का काम करें। हर राज्य की समिति, केंद्र और परस्पर राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज से सीखें, नवाचार अपनाएं तथा देश की सामाजिक उन्नति व समग्र विकास सुनिश्चित करें।

जातिवाद खत्म करने के लिए भी चलाना होगा अभियान : हरिवंश

इस अवसर पर राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि संसद और इसकी समितियां संविधान की प्रस्तावना में निहित सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय को साकार करने का सशक्त मंच है। उन्होंने बताया कि संसद की अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण समिति 1968 में गठित हुई, जो राष्ट्रीय आयोगों रिपोर्टों का अध्ययन और सरकार के कदमों की जांच करती है। हरिवंश ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन की तरह जातिवाद खत्म करने के लिए भी हर स्तर पर अभियान चलाना होगा। उन्होंने आरक्षण को जरूरी बताते हुए कहा कि देश में समतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए लोगों को भी अपनी मानसिकता बदलनी होगी। इसके लिए लोक जागरूकता अभियान चलाना होगा।

'पॉवर्टी टूरिज्म' से कुछ नहीं होने वाला : ओडिशा सीएम

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि इस समय दलितों और आदिवासियों को लुभाने के लिए 'पॉवर्टी टूरिज्म' ख़ूब हो रहा है। लेकिन सच्चाई यह है कि इस 'पॉवर्टी टूरिज्म' से गरीबों का भला नहीं होने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में दलित और जनजाति समुदाय के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। उन्होंने इसके साथ ही इस समाज के सशक्तिकरण पर जोर दिया। कहा कि सिर्फ पैसे खर्च करने से इस समाज का विकास नहीं हो सकता। सम्मेलन को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान, जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव और ओडिशा विधानसभा की स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने भी संबोधित किया।

Created On :   29 Aug 2025 8:33 PM IST

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