Chandrapur News: अधिकारी नियुक्त, कार्यालय नदारद! तहसीलदार के कक्ष से चल रहा कामकाज

Chandrapur News अधिकारी नियुक्त हो गए, लेकिन स्वतंत्र कार्यालय का पता नहीं। कोरपना में उपविभागीय अधिकारी (राजस्व) के रूप में बालाजी कदम की नियुक्ति के बावजूद कई महीने बीत जाने पर भी स्वतंत्र कार्यालय और आवश्यक अधिकारी-कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं हो सकी है। फिलहाल तहसीलदार के कक्ष से ही उपविभागीय कार्यालय का कामकाज संचालित किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब अधिकारी नियुक्त हो चुके हैं, तो कोरपना में स्वतंत्र कार्यालय आखिर कब शुरू होगा? कोरपना में स्वतंत्र उपविभागीय राजस्व कार्यालय स्थापित करने की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही है। इस मुद्दे को स्थानीय विधायक ने विधानसभा में भी उठाया था। इसके बाद शासन ने कोरपना तहसील के लिए परिवीक्षाधीन उपविभागीय अधिकारी के रूप में बालाजी कदम की नियुक्ति की।
, राजुरा उपविभाग का विभाजन कर कोरपना में स्वतंत्र राजस्व उपविभाग स्थापित करने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है। वर्तमान में कोरपना क्षेत्र के कई राजस्व संबंधी मामलों का कामकाज यही से किया जा रहा है। इसके बावजूद स्वतंत्र कार्यालय और पर्याप्त अधिकारी-कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था सीमित बनी हुई है। स्वतंत्र कार्यालय शुरू होने से नागरिकों को राजस्व संबंधी मामलों के निपटारे में सुविधा मिल सकती है। इसके लिए शासन को उपविभाग के गठन के साथ आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।
बल्लारपुर में कार्यालय, कोरपना क्यों वंचित?
बल्लारपुर जैसे अपेक्षाकृत छोटे कार्यक्षेत्र वाले तहसील में स्वतंत्र उपविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय उपलब्ध है। ऐसे में कोरपना के भौगोलिक विस्तार, जनसंख्या और राजस्व संबंधी कामकाज को देखते हुए यहां भी स्वतंत्र कार्यालय स्थापित करने की मांग जोर पकड़ रही है। नागरिकों का कहना है कि जब अन्य स्थानों पर स्वतंत्र कार्यालय की सुविधा उपलब्ध है, तो कोरपना को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है?
भवन उपलब्ध, फिर भी निर्णय का इंतजार
कोरपना तहसील कार्यालय के समीप पंचायत समिति परिसर में प्रशिक्षण केंद्र की इमारत सहित कुछ अन्य भवन उपयोग के अभाव में पड़े हैं। इनमें से किसी उपयुक्त भवन का चयन कर अस्थायी रूप से उपविभागीय राजस्व कार्यालय शुरू किया जा सकता है। इससे नए भवन के निर्माण की प्रतीक्षा किए बिना उपलब्ध संसाधनों का उपयोग संभव होगा। हालांकि, इसके लिए शासन स्तर पर स्वतंत्र राजस्व उपविभाग के गठन, कार्यालय को प्रशासनिक मंजूरी, आवश्यक पदों तथा कर्मचारियों की स्वीकृति जैसे निर्णय लेना जरूरी है। वर्षों से चली आ रही मांग, विधानसभा में उठे सवाल और अधिकारी की नियुक्ति के बावजूद स्वतंत्र कार्यालय का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। अब देखना यह है कि शासन इस दिशा में कब ठोस कदम उठाता है। कोरपना के नागरिकों को उम्मीद है कि जल्द ही स्वतंत्र कार्यालय शुरू होगा और उन्हें राजस्व संबंधी कामकाज के लिए बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं मिल सकेगी।
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