Chhindwara News: जिला अस्पताल..यहां इलाज से ज्यादा पार्किंग का खर्च

जिला अस्पताल..यहां इलाज से ज्यादा पार्किंग का खर्च
  • इलाज के लिए 10 रुपए की पर्ची और बाइक पार्किंग के वसूल रहे 20 रुपए
  • ओपीडी में हर दिन एक हजार से अधिक मरीज पहुंचते है इलाज कराने

Chhindwara News: मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की बेलगाम व्यवस्था मरीजों के दर्द को बढ़ा रही है। यहां मरीज को ओपीडी पर्ची बनाने का खर्च महज 10 रुपए है, यानी 10 रुपए में पूरा इलाज। वहीं दूसरी ओर पार्किंग में बाइक खड़ा करने के 20 रुपए शुल्क वसूले जा रहे हैं, जबकि बाइक पार्किंग के लिए निर्धारित शुल्क दस रुपए है। इसी तरह चौपहिया वाहन के लिए निर्धारित बीस रुपए के बजाए चालीस रुपए तक शुल्क वसूला जा रहा है। जब मरीज या उसके परिजन अवैध उगाही का विरोध करते हैं तो उन्हें पार्किंग स्टाफ की बदसलूकी भी झेलनी पड़ रही है।

गौरतलब है कि जिले के दूरदराज अंचल से गरीब तबके के मरीज जिला अस्पताल इलाज कराने आते हैं। जिला अस्पताल की सामान्य ओपीडी की बात करें तो एक हजार से अधिक मरीज हर दिन आते हैं। ओपीडी के आंकड़ें के मुताबिक अनुमान लगाया जाए तो हर दिन एक हजार मरीज से अवैध उगाही की जा रही है। मरीज के साथ हो रही धोखाधड़ी पर अस्पताल प्रबंधन का ध्यान नहीं है।

चौबीस घंटे के लेना है बीस रुपए शुल्क-

ठेका शर्त के मुताबिक दुपहिया वाहन से दस रुपए शुल्क लेना है, यदि दुपहिया चौबीस घंटे खड़ा रहता है तब उसे बीस रुपए शुल्क देना होगा। लेकिन पार्किंग स्टाफ ओपीडी में कुछ देर के लिए आने वाले मरीजों से बीस रुपए वसूल रहे हैं। अस्पताल में कुछ ही गाड़ियां ही चौबीस घंटे के लिए खड़ी होती है। वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजन किसी सामान या दवा के लिए बाहर जाते हैं तो दोबारा शुल्क देना होता है।

रसीद बुक पर पेन से बढ़ा रहे शुल्क की राशि-

ठेकेदार द्वारा पार्किंग के लिए जो रसीद बुक प्रिंट कराई गई है उसमें बकायदा दस रुपए दुपहिया और बीस रुपए चौपहिया वाहन शुल्क दर्शाया गया है। यहां स्टाफ द्वारा पेन से दस रुपए को बीस रुपए और बीस रुपए काे चालीस रुपए कर वाहन मालिक को पर्ची थमाते हैं। बीमारी से परेशान मरीज या उनके परिजन विवाद से बचने बिना किसी विरोध के कर्मचारियों को अधिक शुल्क भुगतान कर देते हैं।

सांसद से भी हो चुकी शिकायत-

वाहन पार्किंग स्टाफ द्वारा वाहन शुल्क की वसूली के वक्त मरीज और उनके परिजनों से अक्सर अभद्रता की जाती है। पूर्व में इस मामले की शिकायत सांसद विवेक बंटी साहू से भी हो चुकी है। कई बार निरीक्षण के दौरान सांसद पार्किंग व्यवस्था में सुधार और मरीजों को किसी तरह की परेशानी न होने अधिकािरयों को निर्देश दे चुके हैं। इसके बाद अस्पताल की पार्किंग में आम लोगों से लूट बरकरार है।

यह है निर्धारित शुल्क-

वाहन निर्धारित शुल्क वसूली

- दुपहिया वाहन 10 रुपए 20 रुपए

- चौपहिया वाहन 20 रुपए 40 रुपए

- ऑटो/ अन्य वाहन निर्धारित नहीं 30 रुपए

क्या कहते हैं अधिकारी-

जिला अस्पताल आने वाले मरीज या उनके परिजनों से वाहन पार्किंग ठेकेदार या उसका स्टाफ निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूल रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

-डॉ.रवि टांडेकर, प्रभारी सीएस, जिला अस्पताल

Created On :   29 Nov 2025 1:57 PM IST

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