Jabalpur News: जनशिक्षक और बीएसी की भर्ती को लेकर माहौल गर्माया

जनशिक्षक और बीएसी की भर्ती को लेकर माहौल गर्माया
रिक्त पदों पर भर्ती हो रही जबकि पूर्व से तैनात जनशिक्षकों और बीएसी को नहीं हटाया

Jabalpur News: शिक्षा विभाग में जनशिक्षकों और बीएसी की भर्ती को लेकर एक ही दिन में भूचाल मच गया। शुक्रवार को जिला परियोजना समन्वयक द्वारा दोनों पदों पर भर्ती को लेकर सूचना जारी की गई और इसके बाद से ही शिक्षकों की आपत्ति भी शुरू हो गई। सूचना में कहा गया है िक जनशिक्षकों के 59 और बीएसी के 26 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इस पर आपत्ति लेते हुए शिक्षकों ने बताया कि दोनों ही पदों पर 2019 में भर्ती हुई थी और उसके बाद 2022 में रिक्त पदों पर नियुक्ति हुई। कायदे से दोनों ही पदों पर 4 साल तक तैनाती रहती है लेकिन यहां तो कई को 10 साल से भी अधिक हो चुके हैं।

जिले के कुल 9 ब्लॉकों में 45 बीएसी यानी विकासखण्ड अकादमिक समन्वय तैनात हैं। वहीं 63 जन शिक्षा केन्द्रों में 126 जनशिक्षक हैं। नियमानुसार 4 साल की तैनाती के बाद बीएसी और जनशिक्षकों को हटाकर नई नियुक्ति का नियम है, लेकिन उसका पालन नहीं किया जा रहा है। केवल खाली होने वाले पदों पर ही नई नियुक्ति की जा रही है। ताजी सूचना भी इसी के अनुसार जारी की गई है। इन पदों पर जिन शिक्षकों को भेजा जाता है उनकी एक तरह की प्रतिनियुक्ति होती है, लेकिन यह प्रतिनियुक्ति स्थाई नियुक्ति बन चुकी है, क्योंकि इस पद से शिक्षकों को हटाया ही नहीं जा रहा है।

कई शिक्षक इंतजार करते ओवरएज हो गए

कई शिक्षकों ने शिकायती लहजे में बताया कि बहुत से ऐसे शिक्षक भी हैं जो कि बीएसी या जनशिक्षक बनना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मौका ही नहीं मिला और वे 52 साल से अधिक के हो गए। बहुत से ऐसे शिक्षक भी हैं जो कि इन पदों पर जमे हैं और उन्हें हटाया ही नहीं जा रहा है। ऐसे में शिक्षकों का कहना है कि यदि जल्द ही उचित निर्णय नहीं लिया गया तो वे न्यायालय की शरण लेंगे।

उम्र के साथ भी हुआ खिलवाड़

शिक्षकों ने एक आपत्ति और दर्ज कराई है। उनका कहना है कि 52 साल की उम्र का पैमाना 1 जनवरी 2025 को माना गया है। इसके आधार पर इस तिथि में जो शिक्षक 52 साल से अधिक के हो गए होंगे उन्हें नियुक्ति का लाभ नहीं मिलेगा। यह तिथि कायदे से 1 जनवरी 2026 होनी चाहिए थी। यह निर्णय कुछ उन लोगों के हित में लिया गया है जिन्हें इन पदों पर तैनात करने की तैयारी है।

कई शिक्षक इंतजार करते ओवरएज हो गए

कई शिक्षकों ने शिकायती लहजे में बताया कि बहुत से ऐसे शिक्षक भी हैं जो कि बीएसी या जनशिक्षक बनना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मौका ही नहीं मिला और वे 52 साल से अधिक के हो गए। बहुत से ऐसे शिक्षक भी हैं जो कि इन पदों पर जमे हैं और उन्हें हटाया ही नहीं जा रहा है। ऐसे में शिक्षकों का कहना है कि यदि जल्द ही उचित निर्णय नहीं लिया गया तो वे न्यायालय की शरण लेंगे।

उम्र के साथ भी हुआ खिलवाड़

शिक्षकों ने एक आपत्ति और दर्ज कराई है। उनका कहना है कि 52 साल की उम्र का पैमाना 1 जनवरी 2025 को माना गया है। इसके आधार पर इस तिथि में जो शिक्षक 52 साल से अधिक के हो गए होंगे उन्हें नियुक्ति का लाभ नहीं मिलेगा। यह तिथि कायदे से 1 जनवरी 2026 होनी चाहिए थी। यह निर्णय कुछ उन लोगों के हित में लिया गया है जिन्हें इन पदों पर तैनात करने की तैयारी है।

Created On :   29 Nov 2025 3:57 PM IST

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