Jabalpur News: रैगवां-कचनारी में धड़ल्ले के साथ उगाई जा रहीं नाले के पानी से सब्जियां, स्वास्थ्य पर बढ़ा खतरा

रैगवां-कचनारी में धड़ल्ले के साथ उगाई जा रहीं नाले के पानी से सब्जियां, स्वास्थ्य पर बढ़ा खतरा
सेहत से खिलवाड़ } ओमती नाले के किनारे गंदे पानी से की जा रही सब्जियों की सिंचाई

Jabalpur News: शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाले प्रमुख ओमती नाले का दूषित और जहरीला पानी अब ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों की सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे न सिर्फ पर्यावरण बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ओमती नाले के सटे गांवों में इसका उपयोग हो रहा रहा है। कई मामलों में तो पाइप और पंप लगाकर दूर तक इस पानी काे पहुंचाया जा रहा है, ताकि सिंचाई में इसका इस्तेमाल किया जा सके।

लोगों का कहना है कि सब्जियों और फसलों को सींचने के लिए सीधे नाले के प्रदूषित जल का उपयोग हो रहा है। ओमती नाला, जिसमें शहर का सीवेज और औद्योगिक कचरा बहकर आता है, उससे लगे गांव जैसे कि रैगवां, कचनारी और लमती सहित करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में यह अनियमितता बड़े पैमाने पर हो रही है। जानकारी के अनुसार शक्तिशाली पंप सेट लगाकर दूषित पानी को सीधे अपने खेतों तक पहुंचाया जा रहा है।

वर्षों से चली आ रही समस्या

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से चली आ रही है, लेकिन जिम्मेदारों ने कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया। दूषित पानी से सिंचाई पर तत्काल रोक लगाने के लिए प्रशासन को गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करना चाहिए और ऐसे पंप सेटों को जब्त करने की सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर मंडराता खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार इस दूषित पानी में हानिकारक बैक्टीरिया, भारी धातुएं और रासायनिक अपशिष्ट बड़ी मात्रा में मौजूद होते हैं। जब इस पानी का उपयोग सब्जियों की सिंचाई के लिए किया जाता है, तो ये जहरीले तत्व सीधे तौर पर सब्जियों के उत्पादक ऊतकों में प्रवेश कर जाते हैं। बाजार में बिकने वाली ये सब्जियां, शहर के विभिन्न हिस्सों में पहुंचती हैं और वहां के लोगों के पेट तक पहुंचकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं। इन सब्जियों के सेवन से पेट संबंधी बीमारी, टाइफाइड, पीलिया और लंबे समय तक सेवन करने पर किडनी और लिवर संबंधी गंभीर रोग भी हो सकते हैं।

एसटीपी लगाने की मांग

स्थानीय निवासियों का कहना है कि ओमती नाले के पानी को शोधित करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की जरूरत है, ताकि सिंचाई के लिए स्वच्छ पानी का विकल्प मिल सके और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह एक गंभीर विषय है जिस पर तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है।

विभिन्न क्षेत्राें में पहुंच रहीं सब्जियां

जानकारों ने बताया कि ओमती नाले के पानी से सिंचित सब्जियां शहर के विभिन्न क्षेत्राें में बेची जा रही हैं, जिनमें विशेष रूप में पाटन रोड, पाटन बायपास जैसे क्षेत्र शाामिल हैं। सब्जियों में बंद गोभी, फूल गोभी, पालक, मैथी, मूली सहित विंटन सीजन की सब्जियां शामिल हैं।

आपके एरिया में भी हो रही जहरीली खेती तो भेजें जानकारी

आपके घरों के नजदीक नाले या नालियों के किनारे जहां भी इनके पानी से सिंचित हानिकारक रोगों को पैदा करने वाली सब्जी उगाई जा रही है तो उसकी जानकारी दैनिक भास्कर तक भेजें। वाट्सएप नंबर 9425159689 पर फोटो क्लिक कर भेजें। आपकी पहचान और नंबर पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा। भास्कर ऐसी जगह की फोटो प्रकाशित कर प्रशासन से कार्रवाई सुनिश्चित कराएगा, ताकि जहरीली सब्जी का उत्पादन थमे और आम आदमी को स्वस्थ जीवन मिले, यही हमारा प्रयास है।

Created On :   29 Nov 2025 2:38 PM IST

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