विधानमंडल: दोनों सदनों में टीम इंडिया द्वारा टी-20 वर्ल्ड कप जीतने पर अभिनंदन प्रस्ताव पास, सरकारी भर्ती परीक्षाओं की फीस में राहत पर विचार

दोनों सदनों में टीम इंडिया द्वारा टी-20 वर्ल्ड कप जीतने पर अभिनंदन प्रस्ताव पास, सरकारी भर्ती परीक्षाओं की फीस में राहत पर विचार
  • मुख्यमंत्री फडणवीस ने की टीम की सराहना
  • सरकारी भर्ती परीक्षाओं की फीस में राहत पर विचार
  • वांगणी ग्रामीण अस्पताल में दवाइयों की खरीद का मामला, दोषी पाए जाने पर होगा निलंबन

Mumbai News. आईसीसी मेन्स टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत पर महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों ने में सोमवार को विशेष बधाई प्रस्ताव पारित किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि भारतीय टीम ने पूरी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में एक मैच को छोड़कर सभी मुकाबले जीतते हुए अपना दबदबा कायम रखा। इस शानदार उपलब्धि के लिए टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव, मुख्य कोच गौतम गंभीर और पूरी टीम को बधाई दी गई। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सदन में इस अभिनंदन प्रस्ताव को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भारतीय क्रिकेट का गौरवशाली सफर कपिल देव की कप्तानी में 1983 में लॉर्ड्स में विश्व कप जीत से शुरू हुआ था। इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 में पहला टी-20 विश्व कप और 2011 में वनडे विश्व कप जीता। उन्होंने कहा कि अब 2024 और 2026 में फिर से टी-20 विश्व कप जीतकर भारत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना वर्चस्व साबित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के लिए गर्व की बात है कि टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और ऑलराउंडर शिवम दुबे मुंबई से हैं। मुंबई और महाराष्ट्र ने भारतीय क्रिकेट को कई महान खिलाड़ी दिए हैं और आज ग्रामीण तथा सामान्य परिवारों के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं

वांगणी ग्रामीण अस्पताल में दवाइयों की खरीद का मामला, दोषी पाए जाने पर होगा निलंबन

ठाणे के वांगणी स्थित ग्रामीण अस्पताल में संदिग्ध दवाइयों की खरीद का मामला विधानसभा में उठा। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने विधानसभा में दी। इस मुद्दे को सदस्य मोहन माटे ने प्रश्न के माध्यम से उठाया था। स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने बताया कि वांगणी के ग्रामीण अस्पताल में दवाइयों की खरीद जिला नियोजन समिति के फंड से स्थानीय अधिकारियों द्वारा की गई थी। 15 दिसंबर 2025 को इन दवाइयों के नमूने लेकर सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में दवाइयों में फंगस या बुरशीजन्य संक्रमण नहीं पाया गया, लेकिन अन्य मानकों के आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने इन दवाइयों को अप्रमाणिक घोषित किया है। मंत्री ने बताया कि जिन प्रयोगशालाओं ने इन दवाइयों को पहले गुणवत्ता के लिहाज से सही ठहराया था, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। साथ ही दवाइयों की खरीद से जुड़े अधिकारियों की विभागीय जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ निलंबन सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। आबिटकर ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए दवाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए जल्द ही ड्रग डिटेक्शन मशीन का उपयोग शुरू किया जाएगा।

सरकारी भर्ती परीक्षाओं की फीस में राहत पर विचार - शेलार, आरक्षित वर्ग की फीस पर समिति करेगी अध्ययन

राज्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने और उम्मीदवारों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए सरकार नई व्यवस्था लागू कर रही है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों से लिए जाने वाले परीक्षा शुल्क में अतिरिक्त छूट देने के मुद्दे पर अन्य राज्यों और केंद्र सरकार की प्रक्रिया का अध्ययन करने के लिए समिति गठित की जाएगी। यह जानकारी मंत्री आशीष शेलार ने विधानसभा में दी। यह मुद्दा विधायक श्वेता महाले ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाया गया था। मंत्री आशिष शेलार ने बताया कि राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं का सुसूत्रीकरण शुरू किया है। पहले एक ही पद के लिए अलग-अलग विभागों द्वारा अलग परीक्षाएं ली जाती थीं, जिससे उम्मीदवारों को बार-बार आवेदन और फीस भरनी पड़ती थी। नई व्यवस्था में समान पदों के लिए परीक्षाओं को एकीकृत किया जाएगा, जिससे उम्मीदवारों को बार-बार परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी।

‘कैडर बकेटिंग’ से एक परीक्षा में कई पदों का मौका

सरकार भर्ती प्रक्रिया में कैडर बकेटिंग की सुविधा लागू कर रही है। इसके तहत एक ही कैडर के कई पदों को एक समूह में शामिल किया जाएगा। इससे उम्मीदवारों को एक ही परीक्षा के माध्यम से कई पदों के लिए अवसर मिल सकेगा और परीक्षा शुल्क का अतिरिक्त बोझ भी कम होगा। मंत्री शेलार ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त जाति, भटक्या जमाती, अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को अधिक राहत देने के लिए केंद्र सरकार और अन्य राज्यों में लागू परीक्षा शुल्क संरचना का अध्ययन किया जाएगा। अध्ययन के बाद जरूरत पड़ने पर 50 प्रतिशत से अधिक फीस छूट देने पर भी निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 14 फरवरी 2023 के निर्णय के अनुसार सभी परीक्षाओं के लिए सामान्य वर्ग के लिए 1000 रुपये फीस तय की गई है, जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 10 प्रतिशत छूट दी जाती है। आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया को और पारदर्शी तथा किफायती बनाने के लिए अतिरिक्त सुधार किए जाएंगे।

Created On :   9 March 2026 9:10 PM IST

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