Mumbai News: मालवण स्थानीय चुनाव: नीलेश राणे को बलि का बकरा बनाया जा रहा है- नितेश राणे

मालवण स्थानीय चुनाव: नीलेश राणे को बलि का बकरा बनाया जा रहा है- नितेश राणे
गठबंधन न होने के पीछे कोई दूसरा है

Mumbai News मालवण की राजनीति में राणे परिवार में चल रहे अंदरूनी टकराव के बीच बयानबाजी भी जारी है। भाजपा नेता एवं मंत्री नितेश राणे और शिवसेना (शिंदे) विधायक नीलेश राणे के बीच जारी खींचतान अब सीधे बयानबाजी में बदल गई है। नितेश ने कहा है कि मालवण में गठबंधन न होने का ठीकरा नीलेश राणे के सिर पर फोड़ा जा रहा है और उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है। जबकि इसके पीछे कोई और दूसरा है।

गठबंधन नहीं हुआ तो दोष नीलेश पर क्यों - नितेश राणे : नितेश राणे ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मालवण में गठबंधन न होना राजनीतिक निर्णय था। इसका मेरे भाई से कोई लेना-देना नहीं है। जो लोग असल में जिम्मेदार हैं, वे पर्दे के पीछे बैठे हैं और नीलेश को बलि का बकरा बना रहे हैं। राणे परिवार को निशाना बनाना कुछ नेताओं की आदत बन चुकी है। नितेश ने यह भी साफ किया कि मालवण में गठबंधन न होने की वजहें राजनीतिक और स्थानीय समीकरणों से जुड़ी हैं, न कि परिवार के किसी सदस्य की इच्छा से।

नीलेश ने लगाए थे आरोप : नीलेश राणे ने कुछ दिनों पहले कहा था कि भाजपा के साथ युति न हो पाने पर दुख मुझे है। उन्होंने कहा था कि मैंने भरसक प्रयास किया कि हमारी पार्टी और भाजपा के बीच गठबंधन हो। यह सब इसलिए किया ताकि कार्यकर्ताओं पर दबाव न आए। नीलेश ने कहा कि मैंने दो हार देखी हैं, इसलिए कार्यकर्ताओं को परेशानी न हो, इसलिए मैं युति के लिए लगातार प्रयास कर रहा था। लेकिन कुछ लोगों के अहंकार के कारण कोशिश सफल नहीं हुई। कुछ लोग (नारायण राणे) युति चाहते थे, कुछ (नितेश राणे) नहीं। राजनीति में कई बार कार्यकर्ताओं से ज्यादा कुछ लोगों का ‘इगो’ बड़ा हो जाता है। नारायण राणे की इच्छा थी कि युति हो। इसलिए उनका सम्मान शिवसेना (शिंदे) जरूर करेगी। अब उन्हें उनकी जगह दिखाने का समय आ गया है।

राणे परिवार में खींचतान फिर सुर्खियों में : बीते कुछ महीनों से नितेश और नीलेश राणे के बीच मतभेदों की खबरें सामने आती रही हैं। संगठनात्मक निर्णय, स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच पकड़ और कई मुद्दों पर दोनों भाइयों के मत अलग-अलग दिखाई दे चुके हैं। हालांकि नितेश राणे ने अपनी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण का बचाव करते हुए कहा कि इसमें उनका कोई दोष नहीं है। शिंदे गुट के स्थानीय नेताओं का बर्ताव भी सभी के सामने आना चाहिए।


Created On :   29 Nov 2025 8:06 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story