New Delhi News: तन्खा ने पूछा - देश में दवाबग्रस्त सार्वजनिक अवसंरचना का पता लगा लगाने कोई अध्ययन किया है, उज्जैन के महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने की भी उठी मांग

तन्खा ने पूछा - देश में दवाबग्रस्त सार्वजनिक अवसंरचना का पता लगा लगाने कोई अध्ययन किया है, उज्जैन के महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने की भी उठी मांग
  • उज्जैन में महाकाल शिव मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने की मांग
  • देश में दवाबग्रस्त सार्वजनिक अवसंरचना का पता लगा लगाने कोई अध्ययन किया है

New Delhi News. मध्यप्रदेश से कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या देश में दवाबग्रस्त सार्वजनिक अवसंरचना का पता लगा लगाने के लिए कोई अध्ययन किया गया है? एक अन्य प्रश्न में उन्होंने जानना चाहा कि भविष्य में सार्वजनिक अवसंरचना के विकास की योजनाएं किस आधार पर तैयार की जायेंगी और इस संबंध में अपनायी जानी वाली प्रक्रिया किस आधार पर तैयार की जायगी? केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने सासंद विवेक तन्खा के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि स्वच्छता राज्य का विषय है। राज्यों के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता परियोजनाओं की योजना बनाना, संरचनात्मक और इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी कमियों की पहचान करना, डिजाइन तैयार करना और क्रियान्वित करना शहरी निकायों की जिम्मेदारी है। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय नीतिगत दिशा-निर्देश, वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करके राज्यों के प्रयासों में सहयोग प्रदान करता है। एसबीएम-यू के तहत भारत सरकार राज्यों द्वारा प्रस्तुत तथा राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) द्वारा विधिवत अनुमोदित कार्य योजना के आधार पर राज्यों काे निधियां जारी करती है।

उज्जैन में महाकाल शिव मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने की मांग

मध्यप्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेशनाथ ने सरकार से मांग की है कि उज्जैन में महाकाल शिव मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद किया जाए। सभापति की अनुमति से बुधवार को सदन में महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था निजी हाथों में होमगार्ड एवं पुलिस के सहयोग से की जा रही है परंतु वहां भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के चलते वर्तमान व्यवस्था पर्याप्त नहीं हैं। इसके अलावा सन् 2028 में वहां सिंहस्थ का आयोजन हो रहा है जिसमें लाखों लोग आयेंगे, एेसे में सुरक्षा व्यवस्था सीआईएसएफ को सौंपी जाए। सांसद उमेशनाथ ने कहा कि उनके प्रस्ताव को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। जहां लाखों की संख्या में लोग आते हैं वहां सुरक्षा व्यवस्था का बेहतर होना जरूरी है क्योंकि अधिक भीड़ वाली जगह कई दुर्घटनायें होती रही हैं।

Created On :   25 March 2026 8:21 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story