कांग्रेस नेता विजय वडेट्‌टीवार ने कहा - सीएम साहब नींद से जागें, झूठे दावे बंद करें

कांग्रेस नेता विजय वडेट्‌टीवार ने कहा - सीएम साहब नींद से जागें, झूठे दावे बंद करें
  • वडेट्‌टीवार ने की राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना
  • डीजल के मामले को लेकर उठाया सवाल

Nagpur News. विधानसभा में कांग्रेस के गट नेता विजय वडेट्‌टीवार ने राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि महायुति सरकार जनता को गुमराह कर रही है। किसान, युवा, महिला सहित समाज के सभी वर्ग विविध परेशानियों से त्रस्त है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर सवाल उठात हुए किा है कि सीएम साहब नींद से जागें, झूठे वादे बंद करें। वडेट्‌टीवार ने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा राज्य में सब कुछ सुचारु रूप से चलने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री पर अब विविध संकटों को खुले तौर पर देख रहे हैं। मुख्यमंत्री के दावे चाहे जो भी हो, लेकिन महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति सरकार की विफलता की सच्चाई बयां कर रही है। वाशिम जिले में आज लगातार नौवें दिन भी डीजल के लिए पेट्रोल पंपों पर किसानों की मीलों लंबी कतारें लगी हुई हैं।

रात-दिन लाइन में खड़े रहने के बावजूद किसानों को डीजल नहीं मिल रहा है। ऐसे में खुद को किसानों की सरकार कहने वाले मुख्यमंत्री आखिर कहां हैं? वडेट्‌टीवार ने आगे कहा कि खरीफ सीजन के ऐन मौके पर डीजल की भारी किल्लत पैदा होने से किसानों में जबरदस्त नाराजगी है। विपक्षी दलों और किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली पर सीधा हमला बोल दिया है। आरोप लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सत्ता के नशे में इतने मशगूल हैं कि उन्हें जमीनी हकीकत दिखाई ही नहीं दे रही। राज्य में ईंधन संकट गहराता जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री और उनका प्रशासन जनता को गुमराह करने में लगा है। आलोचकों का कहना है कि एयर कंडीशंड दफ्तरों में बैठकर झूठे दावे करने के बजाय मुख्यमंत्री को वाशिम के पेट्रोल पंपों पर जाकर किसानों की पीड़ा देखनी चाहिए।

अब यह मांग जोर पकड़ रही है कि राज्य में ईंधन आपूर्ति को तत्काल सामान्य बनाएं। कहा जा रहा है कि सरकार किसानों के सब्र का इम्तिहान लेना बंद करे, अन्यथा इस संकट के कारण ग्रामीण इलाकों में भारी जनाक्रोश पैदा हो सकता है, जिसका सामना करने के लिए सरकार को तैयार रहना पड़ेगा।इस ईंधन संकट का सीधा असर राज्य और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। ट्रैक्टरों के लिए डीजल उपलब्ध नहीं होने से खेतों में जुताई और अन्य कृषि कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। यदि समय पर बुवाई नहीं हुई, तो उत्पादन में भारी गिरावट तय मानी जा रही है। इसका असर पूरे देश को भुगतना पड़ सकता है। बाजार में अनाज की भारी कमी और महंगाई में बेतहाशा वृद्धि होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। चेतावनी दी गई है कि आज जो किसान डीजल के लिए दर-दर भटक रहा है, कल आम जनता को अनाज के लिए भटकना पड़ सकता है।

Created On :   24 May 2026 6:34 PM IST

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