Nagpur News: नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव होंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन

नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव होंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन
  • मनपा-जिला परिषद में आरक्षण प्रक्रिया दोबारा
  • जहां 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण, वहां फंसा पेंच

Nagpur News सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में जिन स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी हो चुकी है, उसे चुनाव कराने की अनुमति प्रदान कर दी है, साथ में शर्त जोड़ दी है कि जिन स्थानीय निकायों में आरक्षण 50 फीसदी से ज्यादा है, उसके चुनाव परिणाम अदालत में दायर याचिका पर फैसले के अधीन रहेंगे। जिन स्थानीय निकाय चुनाव में अधिसूचना जारी नहीं हुई, उसे किसी भी कीमत पर 50 फीसदी आरक्षण सीमा तय कर चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले का सीधा असर नागपुर महानगर पालिका और नागपुर जिला परिषद चुनाव पर देखा जा रहा है। इन्हें चुनाव से पहले 50 फीसदी की आरक्षण सीमा तय करनी है। अर्थात आरक्षण की प्रक्रिया दोबारा करनी होगी। मनपा और जिप दोनों जगह आरक्षण सीमा का उल्लंघन हुआ है। इससे चुनाव और लंबा खिंचने के आसार हैं। इसके अलावा नागपुर जिले की 17 नगर परिषद, नगर पंचायत के चुनाव परिणाम भी अदालत के फैसले के अधीन रहेंगे। पंचायत समिति का आरक्षण 50 फीसदी के दायरे में लाने के लिए दोबारा अारक्षण प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है।

यह है सदस्य संख्या : मनपा और जिप, पंचायत समिति की आरक्षण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मनपा की सदस्य संख्या 151, जिला परिषद सदस्य संख्या 57 और पंचायत समिति सदस्य संख्या 114 है। मनपा की 82 और जिप की 33 सीटें आरक्षित हैं। मनपा, जिप और पंस में 50 फीसदी से ज्यादा सीटें आरक्षित की गई हैं।

जिले की 17 नगर परिषद और नगर पंचायत पर नजर : अदालत ने 50 फीसदी से अधिक सीट आरक्षित नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव अदालत के फैसले के अधीन करने की अनुमति दी। नागपुर जिले की 17 नगर परिषद व नगर पंचायत का आरक्षण 50 फीसदी पार है। अदालत के फैसले के अधीन होने वाले नगर परिषद व नगर पंचायतों में कन्हान-पिपरी, भिवापुर, महादुला, गोधनी रेलवे, कामठी, कांद्री-कन्हान, नीलडोह, येरखेड़ा, उमरेड, वाड़ी, खापा, डीगडोह, बेसा-पिपला, बीड़गांव-तरोडी, मौदा, बुटीबोरी, काटोल स्थानीय निकाय का समावेश है।

हो सकती है सीटों में कटौती : आरक्षण 50 फीसदी के दायरे में लाने के लिए ओबीसी की आरक्षित सीटों में कटौती की जा सकती है। मनपा में ओबीसी की 40 सीटें आरक्षित हैं, वहीं जिला परिषद में 15 सीटें आरक्षित की गई हैं। मनपा के ओबीसी कोटे की 7 सीटें घटाकर 33 और जिला परिषद के ओबीसी कोटे की 5 सीटें घटाकर 10 की जा सकती हैं। मनपा में अनुसूचित जाति के लिए 30 और अनुसूचित जनजाति के लिए 12 सीटें आरक्षित है। जिला परिषद में अनुसूचित जाति के लिए 10 और अनुसूचित जनजाति के लिए 8 सीटें आरक्षित हैं।

मनपा की अंतिम आरक्षण प्रारूप सूची पर सस्पेंस : मनपा प्रशासन का कहना है कि इस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग से निर्देश मिलने के बाद ही आगे का फैसला किया जाएगा। प्रारूप आरक्षण अधिसूचना के प्रकाशन की अंतिम तिथि 2 दिसंबर तय की गई थी। ऐसे में अब अधिसूचना में बदलाव किया जा सकता है। संभावना है कि 50 फीसदी की तय सीमा में लाने के लिए ओबीसी की सीटों में कटौती करनी पड़े। ऐसे में मार्च 2022 से जारी प्रशासक राज के लंबा चलने की स्थिति बन गई है। हाल ही में मनपा द्वारा 151 सदस्यों के लिए आरक्षण ड्रा निकाला गया है। इसमें अनुसूचित जाति के लिए 30 सीट, अनुसूचित जनजाति के लिए 12 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 40 सीटें तय की गई थीं। इस प्रक्रिया में आरक्षित सीटों की संख्या 82 हो होने से आरक्षण 54.30 फीसदी हो रहा है।


Created On :   29 Nov 2025 3:36 PM IST

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