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अनाधिकृत एजेंट: अब देखो कैसे तकलीफ होती है तुमको...आरटीओ अधिकारी को आरोपी चीनी ने दी धमकी - मामला दर्ज

Nagpur News. ग्रामीण क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में कार्यरत सहायक मोटर वाहन निरीक्षक नीतेश भीमराव उमाले ने एक अनाधिकृत एजेंट "चीनी' पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, धमकी देने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पवन अरोरा उर्फ चीनी अरोरा के खिलाफ धारा 296, 221, 351 (2), 352 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि चीनी लंबे समय से आरटीओ में अनाधिकृत एजेंटों की गैंग बनाकर काम कर रहा है। अधिकारियों पर अलग-अलग तरीकों से दबाव बनाकर अपने हिसाब से काम करवाने में माहिर है। एक बार फिर नए अधिकारी के साथ ऐसा ही करने का प्रयास किया गया, जिसके बाद आरटीओ निरीक्षक नितेश भीमराव उमाले ने कपिल नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
फिटनेस ट्रैक पर किया हंगामा
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता उमाले के अनुसार 21 मई 2026 की शाम करीब 5.30 बजे वह आरटीओ कार्यालय के फिटनेस ट्रैक पर वाहनों की नियमित जांच प्रक्रिया में व्यस्त थे। तभी अरोरा वहां पहुंचा और नियमों के विरुद्ध काम करवाने के लिए दबाव बनाने लगा। जब उन्होंने सरकारी नियमों के तहत कार्य करने की बात कही, तो आरोपी आक्रामक हो गया। उसने जांच प्रक्रिया रुकवाने की कोशिश की और कहा कि ‘अब देखो कैसे तकलीफ होती है तुमको... यहां मुझे कौन नहीं जानता।’ आरोपी ने अन्य लोगों को मौके पर बुलाकर फिटनेस ट्रैक पर हंगामा किया, जिससे कार्यालयीन कामकाज प्रभावित हुआ। अधिकारी के मुताबिक, शाम करीब 6.45 बजे जब वे कार्यालय का काम खत्म कर घर लौट रहे थे, तब आरटीओ कार्यालय के सामने आरोपी ने उन्हें रोक लिया और गालियां देते हुए धमकी दी कि ‘अब तुम नागपुर ग्रामीण कार्यालय में काम करके दिखाओ।’ इस घटना के बाद अधिकारी ने पुलिस थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। कपिल नगर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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विवादों से घिरा रहा है आरोपी
पवन अरोरा लंबे समय से आरटीओ में एजेंटों के सरगना के रूप में सक्रिय बताया जाता है। आरटीओ में फर्जी रजिस्ट्रेशन की जांच में भी उसका नाम प्रमुखता से सामने आया था। देशभर से चोरी के वाहनों के दस्तावेजों में हेरफेर कर नागपुर ग्रामीण आरटीओ में उनका रजिस्ट्रेशन करवाने का काम यह गिरोह करता रहा है। जांच के दौरान जब नागपुर ग्रामीण आरटीओ में फर्जी रजिस्ट्रेशन के मामलों पर कार्रवाई शुरू हुई थी, तब भी वह अपनी टोली के साथ अधिकारियों को धमकाने पहुंचा था। उस समय के कुछ वीडियो भी वायरल हुए थे। जैसे ही कोई नया अधिकारी आता है, उसे दबाव में लेकर अपने अनुसार काम करवाने की कोशिश की जाती है।
मेरे हिसाब से करना होगा काम की धमकी
कुछ समय पहले आरटीओ इंस्पेक्टर नितेश भीमराव उमाले ने कार्यभार संभाला था। आरोप है कि उसने कई तरह की धमकियां देते हुए उमाले से कहा कि ‘अगर मेरे हिसाब से काम नहीं किया, तो मैं देखता हूं तुम यहां कब तक टिकते हो।’ इस दौरान गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद कपिल नगर थाने में मामला दर्ज कराया गया।
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आरटीओ में दलालों का साम्राज्य
आरोप है कि नागपुर ग्रामीण आरटीओ में एजेंटों और दलालों ने कई कामों पर कब्जा कर रखा है। जो अधिकारी उनके हिसाब से काम नहीं करते, उन पर अलग-अलग प्रकार के दबाव बनाए जाते हैं। पूर्व में भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।
ड्रग्स और रेत के धंधे से जुड़े हैं तार
चर्चा है कि पवन अरोरा के तार नागपुर में ड्रग्स सप्लाई में भी सामने आया था। रंधावा केस में ड्रग्स रखकर लोगों को फंसाने के मामले में भी उसका नाम था। वह गुल्लू ढिल्लन गैंग के मुखिया का करीबी साथी है। कपिल नगर थाने में ढिल्लन पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। चर्चा यह भी है कि अरोरा अवैध रेत तस्करी के कारोबार से भी जुड़ा रहा है। इस नेटवर्क को चलाने के लिए आरटीओ से जुड़े कुछ लोगों की मदद ली जाती रही है। आरटीओ कार्यालय में कई अधिकारियों को ब्लैकमेल करने के मामले में भी चीनी का नाम सामने आया था। ऑफिस की आंतरिक शिकायत में अधिकारियों को अलग-अलग कारणों से चीनी ब्लैकमेल करता आया है।
Created On :   24 May 2026 3:14 PM IST













