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इको सिस्टम का बचाव: अंबाझरी तालाब में रविवार को विशेष सफाई अभियान - जलकुंभी निकालकर जमीन में दबाई जा रही

Nagpur News. शहर के अंबाझरी तालाब में जलकुंभी की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। तेजी से फैल रही जलकुंभी के कारण तालाब में ऑक्सीजन स्तर कम हो रहा है, जिससे जलचरों के सामने संकट खड़ा हो गया है। इसे देखते हुए मनपा प्रशासन द्वारा विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
मनपा के घनकचरा व्यवस्थापन कक्ष की निगरानी में तालाब से जलपर्णी हटाने का काम जारी है। कन्वेयर बेल्ट क्लीनिंग मशीन की मदद से तालाब की सतह पर फैली जलपर्णी को निकालकर एकत्र किया जा रहा है। इसके बाद उसे जमीन के भीतर दबाकर नष्ट किया जा रहा है।
रविवार को विशेष अभियान के तहत मनपा के 10 जेसीबी, 15 टिप्पर और 5 पोकलेन मशीनों को लगाया जाएगा। नदी सफाई अभियान फिलहाल बंद होने के कारण वहां के संसाधनों का उपयोग अंबाझरी तालाब की सफाई में किया जा रहा है।
मनपा अधिकारियों के अनुसार, 17 मई को चलाए गए अभियान के दौरान अंबाझरी तालाब से करीब 150 ट्रिप में 900 टन से अधिक जलपर्णी निकालकर जमीन में दबाई गई। अभियान की निगरानी मुख्यालय के स्वच्छता अधिकारी दीनदयाल टेंभेकर और धरमपेठ जोन के स्वच्छता अधिकारी लोकेश बासनवार कर रहे हैं।
प्रतिदिन एक एकड़ क्षेत्र में सफाई
‘प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना’ और ‘जिला खनिज प्रतिष्ठान’ के तहत पर्यावरण सुरक्षा एवं प्रदूषण नियंत्रण उपाययोजना में प्राप्त अत्याधुनिक हार्वेस्टर मशीनों की मदद से तालाब की सफाई की जा रही है। करीब 15 दिन पहले शुरू किए गए इस अभियान में दो हार्वेस्टर मशीनें लगातार काम कर रही हैं।
सहायता के लिए मनपा की 5 पोकलेन और 2 जेसीबी मशीनें भी तैनात की गई हैं। हार्वेस्टर मशीन एक बार में करीब 5 टन जलपर्णी निकालने में सक्षम है। वर्तमान में दो दिनों में लगभग दो एकड़ क्षेत्र की सफाई की जा रही है।
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तालाब का इको सिस्टम बचाने की कोशिश
धरमपेठ जोन के स्वच्छता अधिकारी लोकेश बासनवार ने बताया कि अंबाझरी तालाब में प्रत्येक रविवार को विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सप्ताहभर तालाब से निकाली गई जलकुंभी को मेट्रो पार्क के समीप जमीन में दबाया जा रहा है, ताकि तालाब का इको सिस्टम सुरक्षित रखा जा सके।
Created On :   24 May 2026 4:42 PM IST













