Nasik News: नासिक के तपोवन में 5 मंदिरों के अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी, भड़के साधु-महंत

नासिक के तपोवन में 5 मंदिरों के अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी, भड़के साधु-महंत
कहा-प्रशासन कुंभ मेले के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा

Nasik News नाशिक कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पेड़ कटाई योजना के बाद अब मनपा प्रशासन की तरफ से प्राचीन मंदिरों और उनकी जमीनों के अधिग्रहण को लेकर जारी किए गए नोटिस का मामला भी तूल पकड़ता जा रहा है। मनपा प्रशासन के इस निर्णय के खिलाफ साधुओं-महंतोें में भारी रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन कुंभ मेले के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा है। कुंभ मेले के काम को लेकर पारदर्शिता बनाए रखा जाए अन्यथा कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

क्या है मामला : नशिक मनपा के टाउन प्लानिंग/लैंड एक्विजिशन डिपार्टमेंट ने असिस्टेंट डायरेक्टर की तरफ से 17 नवंबर को एक नोटिस जारी किया। इसमें श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर ट्रस्ट, तपोवन बिहारी मंदिर, साक्षी गोपाल मंदिर, श्री लक्ष्मणजी मंदिर ट्रस्ट, राम पर्णकुटी तपोवन मंदिर और इनकी जमीनों के अधिग्रहण के बारे में बताया गया है। यह नोटिस तपोवन के मंदिरों को 18 नवंबर की दोपहर को दिया गया था और इस बारे में सुनवाई 20 नवंबर को तय की गई थी। इससे यहां के साधु और महंत भड़क गए। अचानक मिले नोटिस का जवाब देने के लिए इन मंदिरों के महंत और ट्रस्टी मनपा कार्यालय पहुंचे और लिखित तौर पर एतराज जताया। साधु और महंत इस बात से बहुत नाराज हैं कि मनपा प्रशासन ने सीधे मंदिरों का अधिग्रहण करना शुरू कर दिया है।

मनपा आयुक्त ने कहा था- गलती से नोटिस भेजा गया : 20 नवंबर को सुबह 8 बजे कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन तपोवन में पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे पर्यावरणविदों से मिलने वाले थे। इस समय मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने वहां मौजूद महंतों और ट्रस्टियों से कहा कि मंदिर को अधिग्रहण करने का नोटिस गलती से दिया गया था, जिसे वह कैंसिल कर देंगी। महंत रामस्नेहीदास महाराज ने आरोप लगाया कि मनपा आयुक्त खत्री ने ने उनसे महाजन को इस बारे में कुछ न बताने का अनुरोध किया था। साधुओं और महंतों का कहना है कि नोटिस रद्द करने की बात कहने के दस दिन बाद भी मंदिर अधिग्रहण नहीं करने को लेकर कोई ऑर्डर नहीं मिला है।

हमें अब मनपा प्रशासन के काम करने के तरीके पर भरोसा नहीं रहा। उसे कुंभ मेले की योजना घोषित करनी चाहिए। प्रशासन मंदिरों को हटाकर और तपोवन को तहस-नहस करके कैसा सिंहस्थ कुंभ मेला आयोजित कराना चाहता है। हमारे मंदिर 300 साल पुराने हैं। भगवान के साथ साधुओं और महंतों को सड़कों पर लाकर कुंभ मेला कैसे हो सकता है? हमारे मंदिर की जमीन गलत तरीके से रिजर्व होने की वजह से हम यहां कुछ नहीं कर सकते। पिछले कुंभ मेले को दी गई जमीन की सुनवाई अभी भी हाईकोर्ट में चल रही है। - महंत रामस्नेहीदास महाराज

तपोवन के सभी मंदिरों को अधिग्रहित करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। जब अधिकारियों से इस बारे में पूछा जाता है, तो वे गोलमोल जवाब देते हैं कि उन्हें इसके बारे में पता नहीं है। इसके लिए हम सूचना के अधिकार कानून के तहत जानकारी मांग रहे हैं। इससे यह साफ हो जाएगा कि मंदिर को अधिग्रहित करने की पहल किसने की। मौखिक रूप से कहा जा रहा है कि नोटिस कैंसिल कर दिया जाएगा। हालांकि, अब तक कोई लिखित में जवाब नहीं दिया गया है। ऐसा लगता है कि प्रशासन भ्रम पैदा कर रहा है और लोगों को गुमराह कर रहा है। - दीपक बैरागी, श्री लक्ष्मण मंदिर ट्रस्टी


Created On :   29 Nov 2025 8:30 PM IST

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