दैनिक भास्कर हिंदी: दमोहनाका-मदन महल  फ्लाई ओवर में 1.5 किमी का हिस्सा पहले होगा तैयार

May 5th, 2021

महानद्दा से प्रेम नगर पोस्ट ऑफिस तक का एरिया 6 माह में बनाने का दावा, शेष हिस्से में अब कोरोना इफेक्ट, वायरस की लहर थमे तब हटें अतिक्रमण
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
दमोहनाका-मदनमहल फ्लाई ओवर के कुल निर्माण एरिया में डेढ़ किलोमीटर का एरिया ऐसा होगा जो सबसे पहले बनकर तैयार होगा। यह हिस्सा महानद्दा से प्रेम नगर पोस्ट ऑफिस एलआईसी के सामने वाला हिस्सा है। इस निर्माण एरिया में जितने पिलर बनाये जाने थे लगभग वे सभी नीचे से बन चुके हैं और उनके ऊपर आगे की प्रक्रिया के तहत शेष निर्माण कार्य होना है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले 6 माह के अंदर फ्लाई ओवर का डेढ़ किलोमीटर का एरिया पहले तैयार होने वाला है। जहाँ अभी निर्माण कुछ दिखाई दे रहा है उसको लेकर अधिकारियों का कहना है कि जहाँ बाधाएँ कम थीं उस हिस्से में काम जल्द हो सका है।  शेष में जब तक अतिक्रमण अलग नहीं होते हैं तब तक जहाँ खाली हिस्सा मिला वहीं पर निर्माण कार्य किया जा रहा है।  इधर शेष एरिया में अभी 300 के करीब अतिक्रमण बरकरार हैं जो कोरोना महामारी की वजह से अलग नहीं हो सके हैं। जब महामारी का यह दौर थमेगा तभी इस दिशा में कुछ हो सकता है। जिन बाधाओं को दूर करने में मुआवजे का प्रावधान है या जिनको भू अर्जन के तहत भुगतान किया जाना है उसके लिए राज्य सरकार ने 161 करोड़ रुपए की राशि आवंटित कर दी है। इसी बजट से मुआवजा वितरित किया जाना है। लोक निर्माण विभाग के ईई गोपाल गुप्ता कहते हैं कि आने वाले 6 माह में महानद्दा से प्रेम नगर एलआईसी तक का एरिया पूरा तैयार कर लिया जाएगा। शेष निर्माण एरिया में कोरोना का दौर थमने के बाद बाधाएँ अलग की जा सकती हैं। 
मदन महल में बनेगी रोटरी 
 मदन महल चौराहे में पेट्रोल पंप के अलग होने के बाद पूरे चौराहे में अब इस तरह से रोटरी बनाई जाएगी कि यह रोटरी फ्लाई ओवर के ऊपरी हिस्से से स्पष्ट दिखाई देगी। तिराहे  में इसको विहंगम रूप दिया जाना है। जल्द ही यहाँ पर  बचे अतिक्रमण अलग किये जायेंगे।  
एनओसी रेलवे में अटकी 
 इधर केबल स्टे ब्रिज जो मदन महल स्टेशन के ऊपर बनाया जाना है उसको लेकर रेलवे की एनओसी अभी तक नहीं मिल सकी है। दिल्ली से अनुमति मिलने के बाद ही रेलवे अनुमति देगा। रेलवे ने लोक निर्माण विभाग से डिजाइन का पूरा विवरण सहित केबल स्टे ब्रिज कैसे तैयार होना है इसकी पूरी जानकारी माँगी है। स्थानीय  स्तर पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द से जल्द रेलवे निर्माण की एनओसी देगा। निर्माण के लिए रेलवे की शर्त यही है कि मदन महल टर्मिनल के लिए जो जमीन उपयोग की जा रही है उसके किसी भी हिस्से में केबल स्टे ब्रिज बाधा नहीं बनेगा। रेलवे अपनी जमीन निर्माण के लिए नहीं देगा।