comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

 44 बांध लबालब, 22 की नहीं बुझी प्यास - नहीं हो रहा सुधार

 44 बांध लबालब, 22 की नहीं बुझी प्यास - नहीं हो रहा सुधार

डिजिटल डेस्क कटनी । मानसून सीजन ने तो लोगों को निराश नहीं किया। सितम्बर माह के अंतिम पखवाड़े में इन्द्रदेव की मेहरबानी से औसत बारिश की अपेक्षा 22 मिलीमीटर अधिक बारिश हुई। इसके बावजूद 89 बांधों में से 22 बांध ऐसे रहे। जिसमें भराव क्षमता के हिसाब से 33 प्रतिशत भी ये बांध नहीं भरे हैं। इस स्थिति में गर्मी के समय फिर से करोड़ों रुपए के लागत की बांध परेशानी का सबब बनेगी। विभागीय अधिकारी कह रहे हैं कि कई बांध पुराने हैं और कई में सीपेज और रिसाव की समस्या है। जिसके चलते इस तरह की स्थिति निर्मित हो रही है। फिर भी रबी के सीजन में सिंचाई का जो लक्ष्य रखा गया है। उससे किसानों को पानी मिलेगा।
57 मिलियन क्यू. मीटर पानी बर्बाद
विभागीय अनदेखी कहें या फिर शासन की कमीं। जिसके चलते बांधों में रुकने वाला 57 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी की बर्बादी हो गई। यदि जिले के सभी बांध सही रहते तो बांधों में 170.37 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी एकत्र होता। इसके बावजूद बारिश के चार माह में 127.11 मिलियन क्यूबिक मीटर ही पानी एकत्र हो सका। 25 प्रतिशत पानी व्यर्थ ही बह गया। 89 में से 44 बांध ऐसे रहे। जिनमें सौ प्रतिशत भराव हुआ है। अन्य बांधों की स्थिति भी बेहतर है। लेकिन ये 22 उम्रदराज बांध किसानों के लिए फिर से परेशानी का सबब बनेंगे। सीपेज और क्षतिग्रस्त प्रमुख कारण सीपेज और क्षतिग्रस्त के कारण जिले में यह सिथति है कि भरपूूर बारिश के बाद भी रबी सीजन में किसानों को परेशानी हो सकती है। रीठी का पबरा जलाशय सितम्बर माह में क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके चलते 11 प्रतिशत ही बांध भर सका। कटनी को पौड़ी पड़रिया जलाशय बेसिंग से सीपेज है। बरही क्षेत्र का बसाड़ी जलाशय तो भरपूर बारिश के बाद भी खाली पड़ा है। मल्हन जलाशय में 37 प्रतिशत ही पानी भरा है। मगरेहटा जलाशय में 22 प्रतिशत जल भराव हुआ है। इसके साथ ढीमरखेड़ा का पहरूआ, सरसवाही, खम्हरिया, किसगी जलाशय में भी पानी तलहटी तक है।
25 हजार हेक्टेयर का लक्ष्य
खरीफ सीजन में बारिश होने के कारण अभी तक बांधों से पानी नहीं छोड़ाया गया है। खरीफ सीजन में करीब 15 हजार हेक्टेयर में सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। रबी सीजन में 25 हजार हेक्टेयर के आसपास यह लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का यह कहना है कि फिलहाल रबी सीजन तक पानी की परेशानी नहीं होगी। इसके लिए कार्य योजना तैयार कर ली गई है। अन्य बांध जिनमें किसी तरह की तकनीकी खामिया हैं उस दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। शासन स्तर को इस संबंध में अवगत कराया गया है।
इनका कहना है
  बांधों में जल भराव की स्थिति पिछले वर्ष की अपेक्षा बेहतर है। ऐसे कुछ बांध जरूर हैं जिनमें सीपेज की समस्या बनी हुई है। साथ ही कुछ बांध क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे बांधों में सुधार के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
- आर.के. खुराना, ईई डब्ल्यूआरडी कटनी

कमेंट करें
aOFsZ
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।